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Ayodhya: वर्गीकृत सीमेन से पैदा होगी सिर्फ बछिया, आय होगी दुगनी

वर्गीकृत सीमेन के प्रयोग से 90% उत्कृष्ट बछिया ही उत्पन्न होती है तथा पशुपालक को प्रतिवर्ष दुग्ध उत्पादन में १5% बढ़ोतरी के साथ साथ 40% निराश्रित गोवंशों की संख्या में कमी आएगी !

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वर्कशॉप में शामिल अधिकारी।

Ayodhya Workshop: विकास भवन स्थित सभागार में उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद लखनऊ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ0 नीरज गुप्ता की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें विशेष रूप से वर्गीकृत सीमन से पशुओं को गर्भाधान कराने पर बल दिया गया। वर्गीकृत सीमेन के प्रयोग से 90% उत्कृष्ट बछिया ही उत्पन्न होती है तथा पशुपालक को प्रतिवर्ष दुग्ध उत्पादन में १5% बढ़ोतरी के साथ साथ 40% निराश्रित गोवंशों की संख्या में कमी आएगी ! उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता द्वारा समयवद्ध प्रविष्टि भारत पशुधन एप पर करने से रुपए 250 से रुपए 3५0 तक प्रति संतति प्रोत्साहन राशि मिलती है एवं 2 महीने के अंदर गर्भ परीक्षण कर पशुपालक द्वारा पूरी ब्यात का 20 से 25% दूध बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने अपना अमूल क्रांति एवं एन डी डी बी का अनुभव सांझा किया और सभी पशु चिकित्सा विद को पशुपालन की बारीकियों पर काम कर भविष्य में दुग्ध उत्पादकता वृद्धि पर गंभीर होकर योजना पर अमल करने की अपील की , उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद द्वारा अभी हाल में ही अयोध्या जनपद में कार्यरत गर्भाधान कार्यकर्ताओं को 22 लाख रुपए की प्रोत्साहन धनराशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। मंत्री पशुधन श्री धर्मपाल सिंह के प्रयासों से वर्तमान में वर्गीकृत वीर्य से किए जाने वाले कृत्रिम गर्भाधान का शुल्क रू 300 से घटाकर रू 100 कर दिया गया है ! जिससे उन्नत नस्ल की बछिया आएंगी जो जल्दी गाभिन होंगी और प्रतिदिन क्षेत्र में लगभग 10000 लीटर दूध उत्पादन में वृद्धि होगी जिससे सालाना 10 करोड़ से ऊपर आय होगी एवं प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनामी का लक्ष्य प्राप्त करने में सहायक होगी।

बैठक में सीईओ एलडीबी डाo नीरज गुप्ता , मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉo जगदीश सिंह एवं डाo नगीना, एवं जनपद अयोध्या तथा अंबेडकरनगर के नोडल एवं पशु चिकित्साधिकारी तथा उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।