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गुमनामी बाबा के सामानों को देखने के लिए खुले म्यूजियम

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय में रखे गुमनामी बाबा के सामानों के म्यूजियम के उद्घाटन को लेकर उठी मांग

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गुमनामी बाबा के सामानों को देखने के लिए खुले म्यूजियम

अयोध्या : दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय के उद्घाटन, सेलुलर जेल में जाकर नेताजी को याद करना व भावुक होना,आजादी के लिए नेताजी के योगदान के बारे में विचार प्रकट करना और 26 जनवरी के परेड में आजाद हिंद फौज की झांकी को भी शामिल करने के प्रस्ताव के बाद अयोध्या में भी गुमनामी बाबा के म्यूजियम की उद्घाटन की मांग भी उठ गया हैं। सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय विचार मंच के अनुसार देश के प्रधानमंत्री को रखे सामानों को लेकर बने म्यूजियम का उद्घाटन करने के लिए अयोध्या आये ।

अयोध्या में गुमनामी बाबा म्यूजियम के उद्घाटन को लेकर हलचल तेज हो गई हैं सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय विचार मंच के अध्यक्ष शक्ति सिंह ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री जी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर इतना ही गंभीर है तो अयोध्या में भी बनी गुमनामी बाबा की गैलरी का उद्घाटन होना चाहिए जिसके लिए पीएम मोदी को अयोध्या ना चाहिए । दरअसल गुमनामी बाबा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर कई आयोग इस बात की जांच कर चुके हैं कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे।चारों आयोग द्वारा जांच के बाद गुमनामी बाबा के मिले सामान इशारा करते हैं कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे। हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुमनामी बाबा के लगभग सवा चार सौ सामानों को अयोध्या के रामकथा संग्रहालय में संरक्षित व सुरक्षित रखवाया गया है लेकिन गुमनामी बाबा के इस म्यूजियम का अभी तक उद्घाटन नहीं हो पाया है जिसको लेकर अब और मांग तेज हो रही है कि जल्द से जल्द गुमनामी बाबा की गैलरी को जनता के लिए खोला जाए।