
'द डॉन' ने PM मोदी को टारगेट करते हुए लिखा है, 'चुनावी माइलेज लेने के लिए इसे बड़े इवेंट का रूप दिया जा रहा है।'
भगवान श्री राम नगरी यानी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर ने पुरे देश को जहां आस्था और विश्वास के संगम में डूबने को मजबूर कर दिया है। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया में खलबली मची हुई है। पाकिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित अखबार ‘द डॉन’ ने एक आर्टिकल में लिखा है कि राम मंदिर विभाजनकारी मंदिर है जो बाबरी मस्जिद के जगह पर बन रहा है। आइए पुरे मामले को जानते हैं…
‘द डॉन’ ने 29 दिसंबर को अपने वेबसाइट पर पब्लिश किए गए आर्टिकल में लिखा है कि भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने अयोध्या में भगवान राम के नए मंदिर का उद्घाटन करेंगे, जहां 16 वीं शताब्दी की बाबरी मस्जिद थी। उस मस्जिद को तीन दशक यानी 30 साल से भी अधिक समय पहले हिंदू कट्टरपंथियों ने तोड़ दिया था। शहर में रहने वाले मुस्लिम, बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद हुए खतरनाक दंगों को याद करते हुए धर्म के नाम पर पॉलिटिक्स के नए माहौल से अलर्ट हो गए हैं।
लेकिन, दूसरे कई लोगों के लिए, राम मंदिर परियोजना प्राचीन हिंदू ग्रंथों में अयोध्या के चित्रण की महिमा को बहाल करने का एक साधन है। लोक सभा चुनावों से ठीक कुछ महीने पहले भारत के बहुसंख्यक आबादी की सिक्योरिटी के लिए मोदी की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।
अयोध्या में घर की देखभाल करने वाली यानी घरेलु महिला गुड़िया देवी ने सुबह की प्रार्थना के बाद अयोध्या में एक दूसरे मंदिर के बाहर विदेशी मीडिया एजेंसी AFP को बताया, ''मोदी अपने वादे पर खरे उतरे हैं।'' उन्होंने कहा, "इतने सालों में हमने एक भव्य राम मंदिर का सपना देखा और अब वह सपना सच हो रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद है। वही हमारे असली नेता हैं।”
विदेशी न्यूज एजेंसी के मंदिर निर्माण की आंखों देखी को बताते हुए ‘द डॉन’ ने आगे लिखा है कि भव्य मंदिर की मुख्य संरचना पर सजावटी विवरण तैयार करने के लिए कारीगर शुक्रवार को बांस के मचानों के ऊपर मेहनत कर रहे थे, जो अपने पिक पॉइंट पर 50 मीटर ऊंचा होगा।
प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश अपाले के अनुसार, अनुमानित 20 अरब रुपए यानी $240 मिलियन की कीमत के साथ, इसके बिल्डरों को उम्मीद है कि हर साल लाखों हिंदू तीर्थयात्री मंदिर का दर्शन करेंगे। उद्घाटन से पहले शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए लिए सरकारी खजाने से अयोध्या में पैसों की बारिश की गई है। शनिवार को एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा खुल जाएगा, सड़क और रेल कनेक्शन उन्नत कर दिए गए हैं और लगभग रातोंरात नए होटलों की एक चेन तैयार हो गई है।
अयोध्या में आने वाले लोगों के वेलकम के लिए फुटपाथों और खंभों को भगवा झंडों और गेंदे के फूलों से सजाया गया है। अयोध्या में फूल और प्रसाद बेचकर अपनी जीविका चलाने वाले 52 साल के शुभ मंगल ने कहा, ***** बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहले ही शहर में आना शुरू कर चुके हैं।" इससे मेरी कमाई दोगुनी हो गई है और हम सभी बहुत खुश हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी पर लगाया चुनावी माइलेज लेने का आरोप
डॉन ने आगे लिखा है कि रामायण के नायक के रूप में राम हिंदू देवताओं में सबसे प्रतिष्ठित देवताओं में से एक हैं, जो आस्था के दो मूलभूत महाकाव्यों में से एक है, जो राछसों के राजा रावण के साथ उनकी लड़ाई का जिक्र करता है। हिंदुओं का मानना है कि राम का जन्म लगभग 7 हजार साल पहले अयोध्या में हुआ था। लेकिन, मुगल साम्राज्य के शासन के दौरान 16 वीं शताब्दी में उनके जन्मस्थान के जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया था।
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति प्रभावी रूप से 2024 में फिर से लोकसभा चुनाव के लिए उनके कैंपेन की शुरूआत है। उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी यानी BJP ने उसी जगह पर मंदिर बनाने के लिए दशकों तक अभियान चलाया है और उसके कार्यकर्ताओं ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रथ यात्रा का जिक्र करते हुए ‘द डॉन’ ने लिखा है कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने राम के पौराणिक रथ जैसी दिखने वाली टोयोटा सेडान में वफादार लोगों को एकजुट करने के लिए देश भर में यात्रा की - एक जुलूस जिसने कई धार्मिक दंगों को जन्म दिया।
साल 1992 में एक भीड़ द्वारा मस्जिद को तोड़ दिया गया, जिससे देश भर में दंगों की एक और लहर शुरू हो गई, जिसमें 2,000 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर मुस्लिम थे। इसी के बाद पार्टी के लिए देश की प्रमुख पार्टी के लिए हिंदू राष्ट्रवाद के उदय का मार्ग प्रशस्त हुआ। साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले दशकों तक यह जगह वैसे ही पड़ी रही। लेकिन, फैसला आने के बाद राम मंदिर के निर्माण की परमिशन दी गई।
Published on:
17 Jan 2024 12:59 pm
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