
बड़ी खबर : ईराक में मौजूद हैं भगवान राम के पदचिन्ह तस्वीरों ने दिया सबूत
अनूप कुमार
अयोध्या : भारत से हजारों किलोमीटर दूर इराक के सिलवेनिया इलाके में भगवान राम और उनके भक्त हनुमान की दीवार में बनी हुई प्रतिमा पाए जाने की खबर 100 फ़ीसदी सही पाई गई है| सबसे पहले पत्रिका ने इस खबर को प्रकाशित किया था जिसके बाद अब इन प्रतिमाओं की तस्वीर सामने आई है ,जिससे यह साबित होता है कि इराक में भी भगवान राम के पद चिन्ह हैं और वहां भी भगवान राम के अनुयाई थे | कुछ समय पूर्व इराक सरकार द्वारा यह जानकारी दिए जाने के बाद भारत सरकार और प्रदेश के संस्कृति मंत्रालय ने इस विषय में जानकारी एकत्र करने के लिए कदम बढ़ाया था | इसी कड़ी में अयोध्या शोध संस्थान के विशेष अनुरोध पर इराक में भारत के राजदूत प्रदीप सिंह राजपुरोहित ,इर्बिल के कांस्युलेट सी चंद्रमौली ,सचिव धर्मेंद्र सिंह ने इराक के गवर्नर सुलेमानिया विश्वविद्यालय के पुरातत्व वेत्साताओं के साथ स्वयं उस बेलुला पहाड़ी पर गए जहां पर या प्राचीन प्रतिमाएं मौजूद होने की जानकारी मिली थी |
ईराक में न 2000 ईसा पूर्व में पत्थरों पर तराशे गए हैं भगवान राम और भक्त हनुमान के चित्र
इस दौरान यह पाया गया इस दुर्गम पहाड़ी पर 2000 ईसा पूर्व में पत्थर पर तराशे गए भगवान राम और चित्र हनुमान के चित्र आज भी मौजूद हैं | बताते चलें कि इराक सरकार ने स्वयं पत्र लिखकर भी इस बात की पुष्टि पहले ही कर दी थी कि इस तरह की प्रतिमाएं और चित्रकारी इराक के बेलुला बाईपास के पास खुदाई के दौरान पाई गई है | वही भगवान राम के पद चिन्ह इराक में पाए जाने पर अयोध्या के साधु-संतों ने भी प्रसन्नता जाहिर की थी और केंद्र सरकार से मांग की थी कि भारत से पुरातत्व विदों की एक विशेष टीम बनाकर इसकी जांच कराई जाए कि भगवान राम और भक्त हनुमान के चित्र इराक में कैसे बने हुए हैं | वही इराक में भारत के राजदूत और इराक के गवर्नर के साथ इस पहाड़ी पर जाने और वहां से तस्वीरें भेजने के बाद इस बात की पुष्टि हो गई है कि इराक में भी भगवान राम के पदचिन्ह मौजूद हैं और इस बात पर भी संशय नहीं पैदा हो सकता कि भगवान राम की कथा सत्य है |
Published on:
21 Jun 2019 09:24 am
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