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रामनगरी की दीवारों पर दिखेगी गुरुकुल शिक्षा पद्धति की झलक शुरू हुई ख़ास मुहीम

वैदिक शिक्षा व्यवस्था के उत्थान के लिए दीवालों पर उकेरे जा रहे हैं चित्र युवा वर्ग दिखा रहा है खासा उत्साह
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अयोध्या

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Anoop Kumar

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Updated: 17 May 2018, 8:52 PM IST

Pictures related to Gurukul education system will be made on wall In

Pro Manoj dikshit


अयोध्या : गुरुकुल शिक्षा पद्धति के विकास के लिए राम नगरी अयोध्या शहर में बनी इमारतों की दीवालों पर गुरुकुल की समृद्ध सभ्यता के दृश्य दिखाई देंगे ,इस ख़ास मुहीम की शुरुआत अयोध्या के गुरु वशिष्ठ गुरुकुल में किया गया . इस कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुकुल में पांच दिवशीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है . गुरुवार को अयोध्या के गुरु वशिष्ठ गुरुकुल में फैजाबाद के डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्व विद्यालय सहित अन्य कई महाविद्यालय के छात्र और छात्राओं द्वारा गुरुकुल की वैदिक शिक्षा व्यवस्था के उत्थान के लिए दीवालों पर आलेखन किया गया और वर्तमान में आधुनिक सभ्यता से वैदिक सभ्यता कितनी समृद्धशाली थी और उस शिक्षा पद्धति के लाभ को दर्शाते हुए चित्र बनाये गए . कार्यक्रम के आयोजक डॉ मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि राम मनोहर लोहिया विश्व विद्यालय के छात्रो द्वारा वैदिक सभ्यता से सम्बंधित गुरुकुल व्यवस्था शिक्षण पद्धति पर आधारित पांच दिन का राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसके अंतर्गत बीएफए के छात्र छात्राए है

वैदिक शिक्षा व्यवस्था के उत्थान के लिए दीवालों पर उकेरे जा रहे हैं चित्र युवा वर्ग दिखा रहा है खासा उत्साह

इस आयोजन के माध्यम से गुरुकुल शिक्षण पद्धति से सम्बंधित चित्रो का निर्माण किया जायेगा . इसका उद्देश्य है कि वर्तमान में सभी छत्र छात्रए आधुनिक शिक्षा को ही समझ रहे है और उसी व्यवस्था में पल रहे है इसलिए वशिष्ठ गुरुकुल में वैदिक सभ्यता से शिक्षा व्यवस्था चित्रों के माध्यम से इस व्यवस्था को समझ सके . क्योकि वैदिक शिक्षा व्यवस्था जो हमारी शिक्षा पद्धति की रीढ़ रही है चाहे वो वैदिक गणित , वैदिक व्याकरण या वास्तुशास्त्र हो उसका को कोई जोड़ आज की शिक्षा में नहीं है . इसलिए इस बिलुप्त होती विधा को आज का युवा जाने जिससे इसे प्राचीन शिक्षा व्यवस्था को बचाया जा सके .यह प्राचीन शिक्षा व्यवस्था सिर्फ यहीं नहीं बल्कि अयोध्या को विश्व के पटल पर हैरिटेज सिटी के रूप विकसित कर सके इसके लिए आने वाले समय में अपने ऐतिहासिक सांस्कृतिक , प्राचीन विरासत को देखते हुए यह कार्य पुरे अयोध्या में निरंतर रूप से किया जाएगा . कार्यक्रम में मौजूद फैजाबाद के डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डा मनोज दीक्षित ने बताया कि विश्व विद्यालय के छात्रो के दवारा गुरुकुल व्यवस्था की परिकल्पना थी उस तरह का वातावरण दिखे इस लिए गुरुकुल की सभी दिवालो पर पेंट के माध्यम से चित्रकारी की जा रही है .इस प्राचीन शिक्षा व्यवस्था का और प्रचार प्रसार हो ऐसा प्रयास विश्वविद्यालय चित्र कला विभाग द्वारा किया जा रहा है .

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