
SP MP Mohibbullah Nadvi
Champat Rai Resignation: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से दो सबसे प्रमुख चेहरों महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे की आधिकारिक स्वीकृति के बाद देश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। इस बड़े बदलाव पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने इस पूरे घटनाक्रम को देश के भविष्य से जोड़ते हुए एक बड़ा और गंभीर बयान दिया है, जिसने इस मुद्दे को पूरी तरह से एक नया मोड़ दे दिया है।
उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा मामला है जिस पर हम सभी भारतीयों को गंभीरता से सोचना चाहिए। हमें एक साथ आकर यह तय करना चाहिए कि धार्मिक मामलों को अलग रखा जाए और उन्हें एक ही नजरिए से देखा जाए। गलत काम गलत ही होता है, चाहे वह हिंदू करे, मुसलमान करे, कोई राजा करे या कोई और। अगर भारत के लोग ऐसे ही मुद्दों में उलझे रहे, तो देश कभी तरक्की या विकास नहीं कर पाएगा। अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए, लेकिन उससे पहले हम हजारों सालों से यहां साथ-साथ रह रहे थे। हिंदुस्तान की वाहिद सरजमीन ऐसी है कि दुनिया की सबसे कदीन तरीन तहजीब है।'
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर 'भगवान परशुराम पुरी' करने के उत्तर प्रदेश कैबिनेट के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर SP सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "एक गलती हुई थी, लेकिन उसके बाद जब हम खड़े हुए, तो वही किताबें पढ़ाई जाती रहीं। उन किताबों में पेश किए गए नजरिए को पिछले दरवाज़े से फैलाया जाता रहा और धीरे-धीरे हिंदू-मुस्लिम के बीच इतनी बड़ी खाई पैदा हो गई। एक थ्योरी और नैरेटिव बनाया गया कि मुस्लिम हमलावरों ने मंदिरों पर हमले किए और लोगों का ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया। ये पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत कहानियां हैं जो अन्याय पर आधारित हैं। इस्लाम में लालच या डर दिखाकर धर्म परिवर्तन कराना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है...'
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति के सवाल पर SP सांसद मोहिबुल्लाह नदवी कहते हैं, 'देखिए, हमने हमेशा यही कहा है कि किसी दूसरे समुदाय के धार्मिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। सुधार लाने के कई तरीके हैं। जब ये नियम बनाए जा रहे थे, तब हमने JPC के सामने भी यह बात कही थी। हालांकि, सरकार ने अड़ियल रवैया अपनाते हुए इन्हें मंजूरी दे दी। तब से, कानून के शासन की अनदेखी करते हुए और संविधान को दरकिनार कर सैकड़ों मस्जिदें गिरा दी गई हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि जब किसी देश में कानून का शासन खत्म हो जाता है, तो इंसानियत मर जाती है, न्याय खत्म हो जाता है, देश की तरक्की रुकने लगती है और उसकी एकता-अखंडता कमजोर हो जाती है…"
Updated on:
07 Jul 2026 10:57 am
Published on:
07 Jul 2026 09:09 am
