
Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर परिसर की पूजा-दर्शन व्यवस्था को और सुव्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गई है। चैत्र नवरात्र के बाद श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पुजारियों की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।
Ram Mandir: राम मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों के विस्तार के साथ अब पुजारियों की नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ऐसे आचार्यों को पुजारी के रूप में नियुक्त करने पर विचार कर रहा है, जो पहले से राम मंदिर और ट्रस्ट के विभिन्न अनुष्ठानों का संचालन कर रहे हैं। इस प्रस्ताव पर ट्रस्ट स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है।
ट्रस्ट की योजना के अनुसार चैत्र नवरात्र के बाद राम मंदिर परिसर में कई नए स्थलों पर नियमित दर्शन और पूजा शुरू की जाएगी। परकोटे में स्थित छह मंदिरों के अलावा सप्त मंडपम, शेषावतार मंदिर, कुबेर टीला और यज्ञमंडप में भी सुबह और शाम श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रत्येक मंदिर में दो पालियों में कम से कम दो-दो पुजारी तैनात करने की आवश्यकता होगी। इस गणना के अनुसार एक मंदिर के लिए चार पुजारी जरूरी होंगे और कुल मिलाकर लगभग 72 पुजारियों की जरूरत सामने आ रही है।
वर्तमान स्थिति में मंदिर परिसर में सिर्फ 20 पुजारी सेवाएं दे रहे हैं। जिससे कार्यभार काफी बढ़ा हुआ है। ट्रस्ट पहले ही अतिरिक्त पुजारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है, लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर तय नियमों के तहत मंथन जारी है। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले ट्रस्ट ने छह माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें 21 आचार्यों को प्रशिक्षित किया गया। इनमें से 16 को पुजारी की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। फिलहाल रामलला और राम दरबार में अलग-अलग 10-10 पुजारी कार्यरत हैं। इसके अलावा अन्य मंदिरों और अनुष्ठान स्थलों पर भी नियमित पूजा होती है।
रामकोट स्थित श्रीराम निवास मंदिर में कार्यरत अनुभवी आचार्य वर्तमान में रामलला से जुड़े निरंतर अनुष्ठानों और ट्रस्ट के आयोजनों का संचालन कर रहे हैं। ट्रस्ट इन्हीं अनुभवी आचार्यों को नई व्यवस्था में शामिल करने को लेकर गंभीरता से विचार कर रहा है।
Published on:
07 Feb 2026 12:10 pm
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