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राम मंदिर: पत्थर तराशी के लिए एजेंसी का किया जा रहा चयन

राम मंदिर निर्माण के लिए फाउंडेशन बनाए जाने के साथ पत्थरों की तराशी का कार्य भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
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अयोध्या

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Abhishek Gupta

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Updated: 27 Dec 2020, 6:15 PM IST

Temple Stones

Temple Stones

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
अयोध्या. राम मंदिर निर्माण के लिए फाउंडेशन बनाए जाने के साथ पत्थरों की तराशी का कार्य भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। राम जन्मभूमि परिसर सहित रामघाट क्षेत्र स्थित रामसेवकपुरम कार्यशाला शुरू होगी। वहीं पत्थर तराशी के लिए नई एजेंसी का चयन किया जा रहा है। मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों के तराशी का कार्य प्रारंभ किए जाने को लेकर तैयारी कर दी गई है। राम घाट क्षेत्र स्थित रामसेवकपुरम में रखे पत्थरों की कटाई के लिए साफ-सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राम जन्मभूमि परिसर में भी कार्यशाला को प्रारंभ किए जाने के लिए टीनशेड लगाया जा रहा है, जहां आर्किटक पत्थरों पर तराशी का कार्य करेंगे।

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दर्जनों आर्किटेक्ट एजेंसियां पेश कर रही कुशलता का प्रदर्शन-

मंदिर में लगने वाले पत्थरों की तराशी के लिए देश भर के दर्जनों आर्किटेक्ट एजेंसियां अपनी कार्य कुशलता की पेशकश दे रही हैं। दूसरी तरफ राजस्थान के भरतपुर बंसी पहाड़पुर से पत्थरों को लाए जाने की कोशिश तेज कर दी गई है। आर्किटेक्ट की मानें, तो राजस्थान सरकार की अनुमति मिलते ही पत्थरों को लाने का क्रम शुरू हो जाएगा, लेकिन उससे पहले पत्थरों को तराशने वाली एजेंसी को तैयार किया जाना है।

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पत्थरों का नाप लिया जा रहा-

पत्रिका टीम से खास बातचीत में मंदिर निर्माण के आर्किटेक्ट आशीष सोनपुरा ने बताया कि वर्तमान में कार्यशाला में मौजूद तराशे गए पत्थरों का नाप लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में भूतल के लिए 45 प्रतिशत का कार्य किया जा चुका है। बाकी कार्यों को पूरा करने की तैयारी की जा रही है। मंदिर निर्माण के लिए लगभग 8 माह में फाउंडेशन बनाए जाने का कार्य कर पूरा हो जाएगा। इस दौरान मंदिर के भूतल भाग को तैयार करने के लिए बाकी 55 प्रतिशत कार्य को भी पूरा किया जा सके, इसके लिए जल्द कार्यशाला शुरू की जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि कार्य को शुरू किए जाने के लिए 5 जनवरी को अयोध्या में बैठक होगी जिसमें एजेंसी पर फैसला लिया जाएगा। साथ ही बताया कि कार्यशाला के लिए राम जन्मभूमि परिसर में तराशी कराए जाने के साथ राम घाट क्षेत्र स्थित कार्यशाला में भी कार्य किया जाएगा।