25 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘मैंने कागभुसुंडि की पूजा होते देखी है, चोरी होने की खबर झूठी है’, अयोध्या मामले पर सीताराम दास बोले- अफवाहों से दूर रहें

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) चढ़ावा एवं चंदा चोरी विवाद पर हर दिन नए-नए दावे सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में राम मंदिर के लिए दान में दिए गए चांदी के 'कागभुशुंडि' के चोरी होने का दावा किया जा रहा है। अब इस मामले का साकेत भवन पीठाधीश्वर सीताराम दास महाराज ने खंडन किया है।
less than 1 minute read
Google source verification
Ram Mandir Donation Scam

अयोध्या राम मंदिर (फोटो- IANS)

अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) चढ़ावा एवं चंदा चोरी विवाद की प्रारंभिक जांच SIT ने शासन को सौंप दी है। वहीं, दूसरी तरफ हर दिन राम मंदिर स्कैम से जुड़े नए-नए दावे सामने आ रहे हैं। अब राम मंदिर में चांदी का 'कागभुशुंडि' (कौआ) चोरी होने का दावा किया जा रहा है। राम मंदिर में 'कागभुशुंडि' के चोरी होने के दावे पर साकेत भवन पीठाधीश्वर सीताराम दास महाराज ने प्रतिक्रिया दी है।

सीताराम दास बोले- मैंने 'कागभुसुंडि' की पूजा होते देखी

साकेत भवन पीठाधीश्वर सीताराम दास महाराज ने कहा- मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि एक महिला ने कागभुसुंडि दान की थी और अब अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि वह चोरी हो गई है। सीताराम दास ने कहा- मैं कारसेवकपुरम गया और वहां कागभुसुंडि की पूजा होते हुए देखी।

पीठीधीश्वर की अपील- अफवाह न फैलाएं

पीठाधीश्वर ने कहा कि मैं उन दान दाताओं, उन भक्तों से अनुरोध करता हूं, जिन्होंने कागभुशुंडि दान की है, वे कारसेवकपुरम आकर उसे देखें। ऐसी अफवाहें नहीं फैलाई जानी चाहिए, जो लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाती हैं। अगर आपको सोशल मीडिया से किसी भी तरह की अफवाह मिलती है तो उसे फैलाने से पहले प्रमाणित करवा लें। अगर आप प्रमाणित नहीं करवाते और फैलाते रहते हैं तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है 'कागभुसुंडि' विवाद?

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि राम मंदिर में दान में दिया गया चांदी का कागभुसुंडि (कौआ) चोरी हो गया है। अखिलेश ने लिखा- कागभुसुंडि के चोरी हो जाने की खबर निंदनीय है। अखिलेश ने कहा कि भगवान के प्रति आस्था के नाम पर आए दान में इस तरह की हेराफेरी बेहद गंभीर और निंदनीय है।