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वाराणसी के लक्ष्मीकांत दीक्षित कराएंगे प्राण प्रतिष्ठा पूजन, शहीद कारसेवकों के परिजन भी रहेंगे मौजूद

अयोध्या में 22 जनवरी को प्रस्तावित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निमंत्रण को पीएम ने स्वीकार कर लिया है।
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अयोध्या

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Rahul Kumar Mishra

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Updated: 26 Oct 2023, 8:47 PM IST

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Ramlala Pran Pratishtha: अयोध्या में 22 जनवरी को प्रस्तावित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निमंत्रण को पीएम ने स्वीकार कर लिया है। इतना ही नहीं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी पूजन में शामिल होंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से चार प्रतिनिधि मंडलों के दल ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए पीएम से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें आमंत्रित किया था। इस बात की जानकारी अयोध्या में पत्रकारों से मुलाकात के दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने दी। उन्होंने बताया कि प्रोटोकॉल शिष्टाचार के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि देश के सभी पूजा पद्धति के 4000 सन्त भी प्राण प्रतिष्ठा में शामिल रहेंगे। उन्हें ट्रस्ट की ओर से निमंत्रण भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सन्त समाज से हटकर विभिन्न क्षेत्रों से 2500 लोग जैसे वैज्ञानिक, कलाकर, परमवीर चक्र से सम्मानित परिवारों, शहीद कारसेवकों के परिवारों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत

उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा का पूजन वाराणसी के लक्ष्मी कांत दीक्षित सम्पन्न कराएंगे। इसके लिए समय भी निश्चित कर लिया गया है। प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे से 12:45 के बीच होगी। कहा कि रामभक्त प्राण प्रतिष्ठा के अगले दिन से रामलाल का दर्शन कर सकेंगे।
ट्रस्ट महासचिव ने बताया कि 22 जनवरी को होने वाला आयोजन मुख्य कार्यक्रम होगा। इससे पहले सम्भवतः 16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आमंत्रित मेहमान भी प्रधानमंत्री के पूजन के बाद ही रामलला का दर्शन कर सकेंगे।

प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मालिक भी किए जाएंगे आमंत्रित

उन्होंने कहा कि मुख्य कार्यक्रम के दिन लगभग 3 घंटे से ज्यादा समय राम जन्मभूमि परिसर में पड़ेगा बैठना। इसलिये वयोवृद्ध और अस्वस्थ मेहमान प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही दर्शन करने आएं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय व्यक्तियों के परिजनों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र भेजा जायेगा। इतना ही नहीं, 100 से ज्यादा प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मालिकों को भी प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। पत्रकारों के द्वारा महाराष्ट्र के संजय रावत के द्वारा दिए गए प्रधानमंत्री को लेकर बयान पर चम्पत राय ने कहा कि संजय रावत की सब बात शिरोधार्य है।

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