
अयोध्या के राजघराने ने रामलला को भेंट की चांदी का सिंहासन
अयोध्या : भगवान श्री रामलला को अस्थाई भवन में शिफ्ट किये जाने के अस्थाई भवन तैयार हो चुका है। 25 मार्च को भगवान श्री रामलला टेंट से निकल कर अस्थाई मंदिर में जाएंगे । इस दौरान चांदी के सिंघासन पर विराजमान होंगे । यह सिंहासन अयोध्या राज घराने के द्वारा ट्रस्ट को समर्पित किया गया।
भगवान श्री राम लला अपने अस्थाई मंदिर में तीनों भाइयों के साथ चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे जिसके लिए अयोध्या के राजघराने के द्वारा 9.5 किलो के चांदी से बने सिंहासन को आज रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा है। जिसे रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय डॉक्टर अनिल मिश्र जिला अधिकारी अयोध्या अनुज झा ने स्वीकार किया है। यह सिंहासन अयोध्या राजा बिमलेंद्र मोहन मिश्र नहीं दिल्ली के छतुमल एंड संस द्वारा जयपुर के कारीगरों द्वारा बनाया गया है। इस सिंहासन में रामलीला के विराजमान के लिए चौकी और छत्र बनाया गया है जिसमें सूर्यवंशी चिन्ह को अंकित किया गया है वही दूसरी तरफ राम जन्मभूमि परिसर में बने अस्थाई भवन को शुद्धिकरण के लिए आज से वैदिक आचार्यों के माध्यम से अनुष्ठान प्रारम्भ हो चुका है। 25 मार्च को वैदिक रीति रिवाज से 15 वेद विद्वानों के द्वारा अस्थाई भवन में विराजमान होंगे इनके साथ विराजमान तीनों भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुहन भी अस्थाई भवन में विराजेंगे।
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि आज सेेे भगवान श्री रामलला दूसरे स्थान पर शिफ्ट किये जाने को लेेेकर अनुष्ठान प्रारंभ कर दिया गया है वही आज अयोध्या राज परिवार के द्वारा रामलला को चांदी का सिंहासन अर्पित किया गया है जिस पर भगवान श्री रामलला अस्थाई भवन में विराजमान होंगे। यह सिंहासन लगभग 25 इंच लंबा और 15 इंच चौड़ा और 30 इंच ऊंचा है इसमें एक चौकी भी है। वही बताया कि इस सिंहासन में सूर्यवंश की प्रतीक सूर्य देवता मुखाकृति पीछे अंकित है ।
Attachments area
Published on:
23 Mar 2020 03:19 pm
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
