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अयोध्या राम मंदिर प्रसाद के नाम पर चार करोड़ का घोटाला, विदेश में बैठे यूपी के शख्स ने चलाया शातिर दिमाग

Shri Ram Mandir Ayodhya : श्रीराम मंदिर के प्रसाद के नाम पर एक विदेश में बैठे शख्स ने लगभग 4 करोड़ की ठगी की। शख्स ने एक वेबसाइट बनाई और इसके माध्यम से लोगों को बताया कि वह 51 रुपए में आपके घर प्रसाद पहुंचाएगा। वहीं विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 11 डालर रखा गया।

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श्रीराम दरबार अयोध्या, PC-IANS

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर श्रद्धालुओं को प्रसाद भेजने के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने khadiorganic.com नामक वेबसाइट बनाकर 22 जनवरी 2024 के दिन आयोजित कार्यक्रम का सहारा लेते हुए लाखों श्रद्धालुओं को निशाना बनाया। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ अयोध्या साइबर क्राइम थाना टीम ने किया है।

श्रद्धालुओं को प्रसाद भेजने का झांसा

साइबर क्राइम थाना प्रभारी मोहम्मद अरशद के अनुसार 17 जनवरी को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति राम मंदिर के नाम पर लोगों से ऑनलाइन पैसे वसूल रहा है। आरोपी ने वेबसाइट के माध्यम से प्रसाद भेजने के नाम पर भारतीय नागरिकों से ₹51 और विदेशी नागरिकों से $11 सुविधा शुल्क की मांग की। जबकि सच्चाई यह थी कि प्रसाद भेजने की कोई योजना ही नहीं थी। यह पूरा प्रकरण एक योजनाबद्ध साइबर फ्रॉड था।

विदेशी पासपोर्ट वाला मास्टरमाइंड गिरफ़्तार

जांच के बाद सामने आया कि आरोपी आशीष कुमार नामक व्यक्ति, जो कि गाजियाबाद का निवासी है, इस ठगी के पीछे मुख्य साजिशकर्ता था। उसके पास विदेशी पासपोर्ट भी बरामद हुआ है। आरोपी ने khadiorganic.com नामक वेबसाइट बनाकर 6.3 लाख से अधिक लोगों से ₹3.85 करोड़ रुपये ठग लिए। तत्कालीन थाना प्रभारी आलोक कुमार की तहरीर पर IPC की धारा 420, आईटी एक्ट की धारा 66D और पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12(3) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी ने YES Bank, Paytm, PhonePe, MobiKwik, IDFC, TMB, Lyra-V2 और अन्य पेमेंट गेटवे के माध्यम से राशि एकत्र की। इसके अलावा UPI जैसे माध्यमों से भी हजारों लेनदेन किए गए। जांच के दौरान पुलिस ने इन पेमेंट गेटवे से संपर्क कर धनराशि को फ्रीज कराया और अब तक 3.72 लाख पीड़ितों को कुल ₹2.15 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं।

ठगी की कुल राशि ₹3.85 करोड़ रुपये में से शेष ₹1.70 करोड़ की वापसी की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस की विवेचना और कानूनी कार्रवाई के बाद अन्य पीड़ितों को भी उनकी रकम लौटाई जा रही है।

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इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने साइबर क्राइम थाना टीम को ₹15,000 के पुरस्कार से सम्मानित किया। साइबर थाना प्रभारी मोहम्मद अरशद की कोर्ट में प्रभावशाली पैरवी और बैंकों के साथ सक्रिय समन्वय की सराहना की गई है।