
Ayodhya Pic
सत्यप्रकाश.
अयोध्या. भगवान श्री राम की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा के अंतर्गत पड़ने वाले धार्मिक एवं पौराणिक स्थानों के पुनः जीर्णोद्धार के लिए अयोध्या के संत प्रयास करेंगे। वैसे तो केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार अयोध्या के लिए लगातार कार्य कर रही है, वहीं अयोध्या के संतों ने भी अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा के विकास के लिये एक नई पहल शुरू कर दी है| इस पहल के अंतर्गत 84 कोसी परिक्रमा के क्षेत्र में कई ऐसे स्थल हैं, जो विलुप्त होते जा रहा हैं। इन सभी स्थलों के सुन्दरीकरण कर उसे पुनः अपने अस्तित्व में लाने के लिए एक फिल्म तैयार करने की कोशिश में जुट गए हैै। इस फिल्म को दिवाली के बाद अन्नकूट उत्सव पर आयोजित श्री राम कथा के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा जिससे इन स्थलों के विकास के लिए पर्यटकों और श्रधालुओं से भी सहयोग लिया जा सके|
इस योजना की जानकारी देते हुए बड़ा भक्त महल के महंत अवधेश दास ने बताया कि देश और प्रदेश में बैठी सरकार अयोध्या के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। अयोध्या भगवान राम का जन्म स्थल है, इस लिए इस स्थल को विकसित करने का दायित्व संतों का भी है। इसलिए अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा के विकास के लिए एक डाक्युमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी तथा अयोध्या में अन्नकूट के दिन से शुरू हो रहे राम कथा में प्रदर्शित करते हुए लुप्त हो रहे सभी स्थलों के महत्त्व को बताते हुए इन स्थलों के विकास की कार्य योजना के बारे में भी जानकारी दी जाएगी|
अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा करने वाले संत गया दास ने बताया कि आज बहुत से ऐसे स्थल हैं जो कि विलुप्त होने की कगार पर हैं तथा इसके साथ कई स्थान ऐसे हैं जहाँ पर पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया है। इसमें जन्मेजय कुंड , जम्बूदीप , अगस्त मुनि आश्रम , तांदुला आश्रम , संत नरहरी आश्रम , परासर मुनि का आश्रम , अष्टावक्र मुनि का आश्रम , सूर्यकुंड , रांगी आशरम , शिवमंदिर , सीताकुंड सहित कई स्थान और भी हैं जो कि विलुप्ति की कगार पर हैं|
Published on:
26 Apr 2018 09:47 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
