
अयोध्या नगर आयुक्त को ज्ञापन देते पार्षद
अयोध्या राम नगरी को लाइट से जगमग करने के लिए सभी वार्डों में 74 करोड रुपए की लागत से लाइट लगवाई गई थी। नगर के सभी पार्षदों ने लाइट को गुणवत्ता विहीन बताते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर जांच कराए जाने की मांग करते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।
अयोध्या राम नगरी के सभी वार्डों को लाइट की रोशनी से सजाने के लिए 74 करोड रुपए की लागत से गली मोहल्लों में लाइट लगाई गई थी। पार्षदों का आरोप है कि पूरी योजना में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। जितनी लाइट लगाई गई हैं। वह गुणवत्ता विहीन है। अभी लाइट लगवाने का काम भी अधूरा पड़ा है। पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर एक सप्ताह का समय दिया है। तय समय सीमा में जांच कराकर कार्रवाई ना की गई तो नगर के सभी पार्षद धरना प्रदर्शन करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर आयुक्त की होगी। पार्षदों का कहना है कि अयोध्या धाम के 12 वार्डों में लाइट लगवाने के लिए तीन फर्मों से निविदा के माध्यम से अनुबंध किया गया था। फर्मों ने काम शुरू किया। लेकिन वह पूरी तरह से गुणवत्ता विहीन है। कार्य करने के नाम पर कई जगह नवनिर्मित सड़कों को खोद कर गड्ढा कर दिया गया है। उसे तय समय सीमा में ठीक नहीं कराया गया। जिसके कारण उस मार्ग से गुजरने वाले लोग गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। पार्षदों ने पूरे मामले में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। नगर आयुक्त को ज्ञापन देने वालों में अनुज दास,विनय जायसवाल,रिशु पाण्डेय,अंकित त्रिपाठी अनिकेत यादव, अर्चना श्रीवास्तव, कृष्ण गोपाल,महेन्द्र शुक्ला पार्षद प्रतिनिधि सहित सभी पार्षद उपस्थित रहे।
Published on:
13 Jul 2024 08:35 pm
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