14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बताया जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने से व्यापारियों को मिलेगा 10 लाख का सहायता

अयोध्या पहुंचे व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता ने किया रामलला का दर्शन कहा किसानों के हित के लिए बनाया गया था कानून नहीं आया पसंद तो होगा वापस

2 min read
Google source verification
व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बताया जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने से व्यापारियों को मिलेगा 10 लाख का सहायता

व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बताया जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने से व्यापारियों को मिलेगा 10 लाख का सहायता

अयोध्या। प्रदेश में व्यापारियों के लिए भी बड़ी योजना केंद्र व प्रदेश सरकार ने दी है। जिसमें है कि जीएसटी में जो व्यापारी पंजीकृत हैं उन्हें दुर्घटना पर 10 लाख की आर्थिक सहायता दिया जा रहा है तो वही मंडी परिषद में रजिस्टर्ड व्यापारियों को दुर्घटना पर 5 लाख का आर्थिक सहायता दिया जा रहा है। दरसल कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन करने व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष व प्रदेश सरकार द्वारा राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त मनीष गुप्ता पहुंचे थे।

किसानों के हित के लिए बनाएगा था कृषि कानून

अयोध्या पहुँचे व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार के द्वारा कृषि कानून वापस लिए जाने फैसला लिया है। सरकार किसानों के हितों के लिए कानून बना था। किसानों को कानून नहीं पसंद आया, तो वापस लिया गया। हमारी सरकार किसानों का सम्मान करती है। कृषि क्षेत्र में सुधार के साथ सरकार कदम बढ़ाएगी।

व्यापारियों के लिए भी सरकार ने दी है बड़ी योजना

वही कहा कि व्यापारियों के लिए बहुत कुछ सरकार ने किया है।दुघर्टना में मृत्यु पर जीएसटी के माध्यम से जो पंजीकृत व्यापारी हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में उनको 10 लाख रुपए की सहायता दी जा रही है। मंडी परिषद में रजिस्टर्ड व्यापारी हैं। दुघर्टना की मृत्यु पर उनको भी 5 लाख की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके परिवारों को जो गरीब पल्लेदार,मजदूर उसमें काम करते हैं। उनके इलाज का खर्च भी सरकार उठा रही है वर्तमान समय में कोई भी दुर्घटना हो जाती है तो उस दुघर्टना में 5 हजार रुपए से लेकर 3 लाख रुपए तक उनके इलाज के लिए सरकार खर्चा उठाएगी है। उनके आवास के लिए दो लाख और व्यापारियों के यहां काम करने वाले दैनिक मजदूर, दिहाड़ी मजदूरों के लिए भी पूरी व्यवस्था इसी प्रकार से करी गई है। इसी के साथ एक और सुविधा की गई अगर किसी की मौत हो जाती है। 30,000 खर्च को लेकर सरकार उनके अनुदान के रूप में प्रदान करेगी।