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Ayodhya : त्रेतायुग की अनोखी परंपरा, मणि पर्वत पर झूला झूलने जाते हैं सियाराम

मणि पर्वत मेले के बाद अयोध्या में शुरू होता है झूलनोत्सव का आयोजन

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कड़ी सुरक्षा के बीच मणि पर्वत पर झूला झूलेंगे सियाराम

कड़ी सुरक्षा के बीच मणि पर्वत पर झूला झूलेंगे सियाराम

Ayodhya : राम नगरी अयोध्या के मणि पर्वत पर भगवान के झूला झूलने के बाद मंदिरों में आज से झूलनोत्सव का आगाज हो जाएगा। इसके साथ ही आज से अयोध्या के 8000 मंदिरों में भगवान गर्भगृह में झूले पर विराजमान हो जाएंगे। दरसल यह परंपरा अयोध्या का प्राचीन व ऐतिहासिक स्थान मणि पर्वत प्रारंभ होता है। जहां सैकड़ों मंदिरों से भगवान श्री राम व माता सीता के विग्रह को रथ यात्रा के माध्यम से मणि पर्वत तक लाते जहां विधि विधान पूर्वक पूजा कर भगवान को झूले पर बैठाया जाता हैं। और इस महोत्सव को देखने के लिए देश विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या आते हैं। इस वर्ष होने वाले इस मेले को लेकर सुरक्षा के बीच व्यापक प्रबंध किए गए।

जनकपुर से अयोध्या पहुंचा था मणियों का उपहार

अयोध्या में झूलनोत्सव की परम्परा आदिकाल से परंपरागत रूप से मनाया जाता है। विश्व विख्यात सावन झूला महोत्सव श्रावण मास शुक्ल पक्ष तृतीय को मणि पर्वत से प्रारंभ होता हैं। पुराणों में वर्णित है कि जब मां सीता व भगवान श्री राम का विवाह उपरांत अयोध्या पहुंचे थे तो राजा जनक ने अपनी पुत्री को उपहार स्वरूप बड़ी संख्या में मणियों को भी साथ भेजा था इन मणियों की संख्या इतनी थी कि राजमहल में नहीं रखा जाए सका है। तो राजा दशरथ ने इन सभी मणियों को अयोध्या के दक्षिण क्षेत्र स्थित विद्या कुंड के पास रखवा दिया मणियों की संख्या अधिक होने के कारण या एक पर्वत जैसा बन गया तभी से इस स्थान का नाम मणि पर्वत पड़ा।

माता सीता ने माना था मायका

ऐसी मान्यता है कि जब माता सीता श्रावण मास में अपने मायके जनकपुरी न जाकर मणियों से बनी पर्वत को ही अपना मायका मानकर पंचमी मनाई और उस स्थान पर भगवान श्री राम के साथ जाकर झूला झूलती थी। तभी से इस स्थान को लेकर झूलनोत्सव परंपरा चलती आ रही है आज भी भगवान श्रीराम व माता जानकी के स्वरूपों को इस स्थान पर लाकर झूला झूल आते हैं जिसके साथ अयोध्या का झूला उत्सव की शुरुआत हो जाती है और अयोध्या के मंदिरों में भगवान को झूले पर बैठाया जाता है।

कड़ी सुरक्षा के बीच मणि पर्वत पर झूला झूलेंगे सियाराम

अयोध्या में होने वाले मेले को लेकर सुरक्षा अधिकारियों ने भी तैयारी पूरी कर ली है। इस बार मणि पर्वत के मेले में माना जा रहा है कि 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की शामिल होने की उम्मीद है। जिसको बेहद पुलिस बल को तैनात किया जाएगा जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे। अयोध्या के एसएसपी राजकरण नय्यर ने बताया कि सावन झूला मेला और मणि पर्वत मेले के संबंध में व्यापक पुलिस व्यवस्था की गई है जिसमें जोन के अन्य जनपदों और मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल प्राप्त हुआ है।आरएएफ की दो कंपनियां प्राप्त हुई है। इसके साथ ही जिला पुलिस और अन्य सुरक्षा तंत्र के माध्यम से एक व्यापक व्यवस्था बनाई गई है इसमें हमारी एक कोशिश है कि आने वाले सभी श्रद्धालु सुगम अनुभव लेकर अयोध्या से जाएं।