
अयोध्या के इस शिव मंदिर की अनोखी परंपरा
अयोध्या में एक ऐसा भी शिव मंदिर है जहां प्रतिदिन पुजारी ही बदल जाते हैं। वही आरती व पूजन की व्यवस्था के साथ प्रसाद का भी वितरण करवाते हैं।
राम जन्मभूमि 20 किलोमीटर दूरी पर है मंदिर
एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहा विध्नेश्वरनाथ महादेव मंदिर अयोध्या से लगभग 20 किलोमीटर दूर बीकापुर क्षेत्र के रमपुरवा गांव में स्थित है।
400 वर्ष पुराना है महादेव मंदिर
कहते हैं कि मंदिर 400 साल से भी अधिक पुराना है और मंदिर की स्थापना राजा मान सिंह ने की थी। वर्ष 2015 से इस मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य शुरू हुआ और अब, यह विशाल धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात है।
गांव के ही हर व्यक्ति बनते हैं पुजारी
गांव का हर एक व्यक्ति बनता है पुजारी
सबसे खास बात यह है कि मंदिर में कोई एक पुजारी नहीं है। यहां प्रतिदिन गांव के एक परिवार को उसकी इच्छा के अनुसार पूजन अर्चन की जिम्मेदारी मिलती है
गांव ही नहीं दूर दराज के श्रद्धालु भी करते हैं सेवा दिलचस्प पहलू यह है।
गांव के आसपास के लोग भी बनते है सेवादार
केवल रमपुरवा ही नहीं बल्कि आसपास व दूरदराज के गांव चकनथा, जेहली का पुरवा, सोहावल, बीकापुर, रूरूखास के इच्छुक सेवादारों का भी नाम रजिस्टर में दर्ज होता है।
गांव में 200 परिवारों का घर
कार्यालय प्रमुख व मीडिया प्रभारी विपिन कुमार बताते हैं कि यह व्यवस्था मंदिर में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए है। गांव में लगभग 200 घर हैं। जो इच्छुक होते हैं। वह सहर्ष ही जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं।
नई मंदिर निर्माण की जानकारी पर भेंट की जाती हैमूर्ति
उन्होंने बताया कि मंदिर समिति की ओर से गांव ही नहीं वरन कहीं भी नए मंदिर के निर्माण की जानकारी होने पर उन्हें मंदिर के ऊपर लगने वाला कलश व हनुमान जी की मूर्ति भेंट की जाती है।
Published on:
10 Mar 2023 04:13 pm
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