बीजेपी की हार पर विश्व हिंदू परिषद का बड़ा बयान, बताया- इसलिये भाजपा हार गई गोरखपुर और फुलपुर उपचुनाव

बीजेपी की हार पर विश्व हिंदू परिषद का बड़ा बयान, बताया- इसलिये भाजपा हार गई गोरखपुर और फुलपुर उपचुनाव

Hariom Dwivedi | Publish: Mar, 14 2018 06:29:08 PM (IST) | Updated: Mar, 14 2018 06:34:21 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

गोरखपुर और फूलपुर में बीजेपी की करारी हार के बाद विश्व हिंदू परिषद का बड़ा बयान आया है... देखें वीडियो

अयोध्या. गोरखपुर और फूलपुर में बीजेपी की करारी हार के बाद विश्व हिंदू परिषद का बड़ा बयान आया है। विहिप के अवध प्रांत के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने भाजपा को अपने सिद्धांतों पर चलने की नसीहत दी है। गौरतलब है फूलपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने एकतरफा मुकाबले में भाजपा के कौशलेंद्र पटेल को 59613 मतों से करारी शिकस्त दी। वहीं गोरखपुर में सपा उम्मीदवार प्रवीण निषाद ने भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र शुक्ला को हरा दिया।

लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार पर विश्व हिंदू परिषद के शरद शर्मा ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी के अन्दर का मामला जरूर है, लेकिन एक संगठन परिवार में जुड़ने के कारण मेरा यह मानना है कि इस हार पर आत्म मंथन होना चाहिए। क्योंकि सिद्धान्त और विचारों से ही किसी पार्टी को चलाया जाता है। लेकिन अगर सिद्धान्तों को ताख पर रख दिया जायेगा तो इस प्रकार के परिणाम आने ही हैं।

यह भी पढ़ें : यूपी लोकसभा उपचुनाव- ममता बनर्जी ने अखिलेश और मायावती को दी बधाई, भाजपा पर दिया ये बड़ा बयान

संगठन की नहीं, बल्कि पार्टी के वैचारिक सिद्धांतों की हार है : विहिप
विहिप प्रभारी ने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि अगर भाजपा अपने सिद्धान्तों और विचारों पर कड़ाई से पालन करती और उस पर मंथन करती तो ऐसी हार का सामना नहीं करना पड़ता। अब आने वाले दिनों में इसे ठीक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह हार सरकार की नहीं, बल्कि संगठन की हार है। पार्टी के वैचारिक सिद्धांतों की हार है।

रामलला को गाली देने वाले नरेश अब भाजपा में क्यों?
सपा के नरेश अग्रवाल के बीजेपी में शामिल होने पर विहिप प्रभारी ने कहा कि अगर रामलला को गाली देने वाला व्यक्ति संगठन में सहायक हो जाए तो सिद्धांतों में कहीं न कहीं गिरावट जरूर आती है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई दुश्मन नहीं होता, लेकिन ऐसे किसी नेता को पार्टी में शामिल करने से पहले विचारों का मंथन जरूरी है। अगर आपका विचार सही होगा तो जनता भी हमारा साथ देगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मंथन कर अब आगे आने वाले भविष्य के बारे में सोचना चाहिये।

यह भी पढ़ें : सपा सांसद धर्मेंद्र यादव बोले- 2019 में भी जारी रहे सपा-बसपा गठबंधन

Ad Block is Banned