
अयोध्या. राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद युवा संतों व कथावाचकों का सहयोग लेगी। इसके लिए चिंतन शिविर के कार्यक्रम भी शुरू कर दिए गए हैं। इसमें संत-धर्माचार्य युवा संतो को प्रवचन के माध्यम से खड़ा कर रही है। जिसकी योजना पूर्व में 28,29 व 30 दिसंबर को भुवनेश्वर में विहिप प्रबंध समिति एवं प्रन्यासी मंडल की बैठक में बनाई गई थी। इसके अंतर्गत देश के कई राज्यों से युवाओं को जोड़ने के लिए कथावाचक प्रशिक्षण का कार्य अयोध्या के कारसेवक पुरम में भी चल रहा है ।
इसकी कमान उपाध्यक्ष एव केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के संयोजक जीवेश्वर मिश्र तथा अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने संभाल रखी है । सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई के मामले को लेकर सक्रिय हुई विहिप, हिंदुत्व की मुहिम व आंदोलन को संतों के दिशा निर्देशन में चलाती रही है ।इसके लिए केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल बनाया । केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में देश के सैकड़ों महामंडलेश्वर रामानंदाचार्यों सहित जैन , बौद्ध व सिख सम्प्रदाय के प्रमुख लोग शामिल हैं। लेकिन इसमें अधिकतर संतों की आयु अब अधिक हो गई है । इसीलिए विहिप अब युवा संतों की फौज खड़ा कर रही है ।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा का मानना है संत-धर्माचार्य सदैव समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन करते चले आ रहे हैं । आने वाले दिनों में युवा संतों की सहभागिता समाज व राष्ट्र के लिए आवश्यक है। युवा संतों के प्रशिक्षण वर्गों को इसीलिए शुरू किया गया है कि श्री राम जन्म भूमि के न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए इन युवा संतों का भरपूर सहयोग लिया जाएगा तथा बताया कि विहिप ने तीन जगहों पर अपने प्रशिक्षण केंद्र बनाए हैं। अयोध्या, हरिद्वार व प्रयाग इन स्थानों पर युवा संतों का प्रशिक्षण प्रारंभ भी कर दिया गया है, जिसमें श्री राम जन्मभूमि, गौ , गंगा, वेद व संस्कृत रक्षा एवं धर्मांतरण आदि की जानकारी दी जा रही है।
Published on:
31 Mar 2018 01:18 pm
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