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यूपी में एक और पत्नी बनी ज्योति मौर्या : पढ़ाई के लिए पति ने बेंच दिया खेत, पत्नी लेखपाल बनते ही कहा दो तलाक

बाराबंकी में एक और ज्योति मौर्या जैसे घटना होने का मामला सामने आया है।

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2009 में दोनों की हुई थी शादी

2009 में दोनों की हुई थी शादी

यूपी में एक और ज्योति मौर्य जैसा मामला सामने आया है। अयोध्या मंडल के बाराबंकी जिले में रहने वाली पत्नी ने लेखपाल बनने पर अपने पति को छोड़ने के लिए कोर्ट में तलाक की अर्जी दी है। लेकिन न्यायालय ने इस अर्जी को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया है। और अब खेत बेचकर और मजदूरी कर अपनी पत्नी को लेखपाल बनाने वाला पति पत्नी के साथ जीवन बिताने की गुहार लगा रहा है।

2009 में दोनों की हुई थी शादी

यह मामला बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र गलाहामऊ गांव का है। यहां के निवासी अमरीश कुमार 20 फरवरी 2009 को जैदपुर थाना क्षेत्र के याकूतगंज गांव के रहने वाले रामचरन की बेटी दीपिका भार्गव से शादी हुई थी। पति अमरीश के मुताबिक इंटर पास पत्नी दीपिका शादी के बाद पढ़ाई करना चाहती थी। इसके चलते ससुराल में रह कर दीपिका ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की।

पति ने पत्नी की पढ़ाई के लिए बेंच दिया था खेत

पति अमरीश कुमार ने बताया कि पत्नी दीपिका के पढ़ने में रुचि को देखते हुए उसे एमए और बीएड कराया। दीपिका को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग में दाखिला कराया। इसके लिए पत्नी को कोचिंग लाने और ले जाने के साथ ही अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाता था। इस बीच 2011 में उसकी माँ की मृत्यु हो गई और आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। जिसके कारण पति मेहनत मजदूरी कर घर खर्च चलाता था। उसने बताया कि पत्नी की पढ़ाई के लिए पैसे कम पड़ने लगे तो 2014 में 10 बिसवा खेत बेच दिया। और वर्ष 2018 में पत्नी दीपिका का चयन लेखपाल के पद पर हो गया। जिसको लेकर पति बहुत ही खुश था।

लेखपाल बनने के तुरंत बाद छोड़ा पति

पति ने बताया कि पत्नी दीपिका भार्गव की बस्ती जिले के हर्रैया तहसील में लेखपाल पद पर नियुक्ति हुई। इसके कुछ महीने बाद आठ वर्षीय बच्ची को लेकर मायके चली गई।उसके बाद मेरे संपर्क करने पर मुझसे मिलने के लिए मना कर दिया और बेटी से मिलने जाने पर घर से भगा दिया जाता था।

पत्नी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

लेखपाल बनी पत्नी दीपिका के मुताबिक उसके घर वाले काफी अत्याचार करते थे। और वह घर का काम के साथ प्राइवेट विद्यालय में पढ़ा कर घर का खर्च भी चलाती थी। लेकिन घरवाले इससे भी संतुष्ट नहीं थे। दीपिका का आरोप है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था। दीपिका ने बताया कि इसी से तंग आकर वह मायके चली गई और वहां से पढ़ लिखकर लेखपाल बन गई। मैं बेटी के साथ रहना चाहती हूं। पति को छोड़ने के लिए फैमली कोर्ट में तलाक के लिए मुकदमा दाखिल किया है।

पत्नी के साथ रहना चाहता पति

पति अमरीश ने बताया कि पारिवारिक जीवन के साथ गृहस्थी बचाने के लिए पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। इसके लिए दीपिका से कई बार मिन्नत भी की, बीते चार सालों से पत्नी ने बात नही की है कोर्ट में पेशी के दौरान बात करने का प्रयास किया लेकिन उसने बात करने से मना कर दिया।


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