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जहानागंज हत्याकांड में 11 लोगों को आजीवन कारावास की सजा 

10 साल पहले जहानागंज बाजार में सरेआम चार लोगों की हुई थी हत्या

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Ahkhilesh Tripathi

Dec 22, 2016

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आजमगढ़. लगभग दस वर्ष पूर्व जहानागंज बाजार में सरेआम चार लोगों की हत्या के मामले में कोर्ट ने 11 आरोपियों को आजीवन कारावास व प्रत्येक से 14 हजार जुर्माने की सजा सुनायी। यह फैसला गुरूवार को जिला सत्र एवं न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने सुनाया। वादी मुकदमा मुख्तार अहमद पुत्र अब्दुल जब्बार निवासी कस्बा थाना जहानागंज की कस्बे के ही मोबीन अहमद से दुश्मनी चली आ रही थी।



वादी मुकदमा 13 अप्रैल 2007 को पांच बजे घर के पास पान की दुकान पर खड़ा था तभी मुल्जिमगण सिराजुद्दीन पुत्र निजामुद्दीन, अब्दुल रब पुत्र अब्दुल हक, परवेज आलम पुत्र मोबीन, मो.असाउद्दीन पुत्र सिराजुद्दीन, शाह आलम व नूर आलम पुत्रगण सुल्तान, इकबाल पुत्र अब्दुल खालिद, शकील पुत्र मोबीन, रियाजुद्दीन उर्फ मलिकार पुत्र निजामुद्दीन, कमरूद्दीन पुत्र जियाउद्दीन, नसीम उर्फ छोटक पुत्र सुहान तथा अनवार पुत्र सुल्तान कट्टा आदि अवैध असलहों से लैस होकर वहीं आ गये। हमलावरों ने मुख्तार पर फायर किया। जान बचाकर मुख्तार जब बगीचा बाजार स्थित दुकान की तरफ गया तो हमलावर वहां पहुंचे और मुख्तार के पिता जब्बार व चाचा फारूख को गोली मार कर हत्या कर दिया। हमलावरों ने मुख्तार के घर में घुस कर उसके भाई अकरम व इम्तेयाज की भी गोली मार कर हत्या कर दी।


पुलिस ने मामले की जांच कर 12 आरोपियों के विरूद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी परवेज के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गयी। जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव व एडीजीसी राजेंद्र श्रीवास्तव ने मुख्तार डा.एबी त्रिपाठी, डा.केएन पांडेय, डा.ओमप्रकाश, रेयाज मोअज्जम, थानाध्यक्ष मनोज पांडेय, प्रभात कुमार, एसआई अवधेश सिंह,एसआई पंचबहादुर, कां.सुल्तान गालिब को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के पश्चात अदालत ने उक्त सभी आरोपियों को आजीवन कारावास सहित अर्थदण्ड की सजा सुनायी।

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