6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दहेज हत्या में सात वर्ष का कारावास, अर्थदंड भी

दहेज हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने सात वर्ष के कारावास तथा पन्द्रह हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई।
less than 1 minute read
Google source verification
Court News

Court News

रिपोर्ट-रणविजय सिंह

आजमगढ़.दहेज हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने सात वर्ष के कारावास तथा पन्द्रह हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी सास व् ससुर को दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन संतोष कुमार तिवारी ने सुनाया। मामला अतरौलिया थाना क्षेत्र के गांव एदिलपुर का है।
अभियोजन के अनुसार वादी गोपाल पांडेय पुत्र राम सकल सकल पांडेय निवासी शेखपुर की बहन रीता रीता का विवाह 5 मई 2007 को संतोष दुबे पुत्र शिव कुमार दुबे निवासी एदिलपुर के साथ हुई थी । शादी के बाद दो लाख रूपये की मांग को लेकर ससुराल में रीता का शारीरिक उत्पीड़न किया जाता था। इसी दहेज की मांग को लेकर 7 सितंबर 2013 को ससुराल में रीता की जलाकर हत्या कर दी गई। मृतका के भाई गोपाल ने दहेज़ हत्या का आरोप लगाते हुए पति संतोष दुबे, सास सावित्री देवी, ससुर शिव कुमार दुबे,ननद रामादेवी तथा ननंदोई राममिलन के विरुद्धअतरौलिया थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच के बाद पति संतोष दुबे,सास सावित्री तथा ससुर शिवकुमार दुबे के विरुद्ध चार्ज शीट न्यायालय में भेज दिया ।सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार यादव ने गोपाल पांडे ,राम सकल पांडे ,चंद्र प्रकाश पाठक ,डॉक्टर विनय कुमार सिंह ,हेड मुहर्रिर राम जी सैनी , क्षेत्राधिकारी आतिश कुमार सिंह को कोर्ट में बतौर गवाह परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पति संतोष कुमार दुबे को सात वर्ष के कारावास तथा पन्द्रह हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई ।जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में सास सावित्री देवी तथा ससुर शिव कुमार दुबे को दोष मुक्त कर दिया।

बड़ी खबरें

View All

आजमगढ़

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग