
भू- माफिया
आजमगढ़. कलेक्टर/जिला उप संचालक चकबन्दी चन्द्र भूषण सिंह ने बुधवार को बताया कि मिठालु आदि बनाम शाहिद आदि मौजा सोनवारा, परगना निजामाबाद, तहसील सदर के प्रकरण में मण्डलायुक्त को मिठालु आदि के द्वारा 16 फरवरी 2008 को एक शिकायती पत्र प्रस्तुत कर बताया गया था कि शाहिद आजमी पुत्र मतीउद्दीन द्वारा वर्तमान बन्दोबस्त के खाता संख्या 413 में गाटा सं.-294 क्षेत्रफल 148 कड़ी, गाटा सं.-908 क्षेत्रफल 274 कड़ी, गाटा सं.-311/1652 क्षेत्रफल 70 कड़ी, गाटा सं.-823 क्षेत्रफल 485 कड़ी, गाटा सं.-118/1636 क्षेत्रफल 70 कड़ी, गाटा सं.-1244छ क्षेत्रफल 1 एकड़ 435 कड़ी एवं नसरीन बानो पत्नी शाहिद आजमी द्वारा वर्तमान बन्दोबस्त के खाता संख्या-285 में गाटा सं.-747 क्षेत्रफल 846 कड़ी व गाटा सं.-769ढ क्षेत्रफल 2.400 एकड़ ग्रामसभा भूमियों पर तत्कालीन चकबन्दी कर्मचारियों/अधिकारियों को अपने विश्वास में लेकर वर्तमान बन्दोबस्त में फर्जी इन्द्राज के द्वारा अपना-अपना नाम दर्ज करा लिया है। उनके द्वारा उक्त फर्जी इन्द्राज को निरस्त करते हुए इसमें दोषी पाये गये व्यक्तियों एवं दाकषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अपराधिक एवं विभागीय मुकदमा पंजीकृत किए जाने का अनुरोध किया गया है।
मण्डलायुक्त ने जिलाधिकारी को निर्देश्ति करते हुए कहा है कि प्रकरण संवेदनशील प्रतीत होता है। इसकी जांच वरिष्ठ स्तर से करा लें तथा समयबद्ध रूप से फालोअप कर विधि अनुसार कार्यवाही करायें। मण्डलायुक्त के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा उक्त प्रकरण की जांच बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी से करायी गयी। कलेक्टर/जिला उप संचालक चकबन्दी चन्द्र भूषण सिंह ने प्राप्त जांच आख्या के आधार पर ग्रामसभा भूमि, ताल, पशुचारा, भीटा, खलीहान, आबादी के खातों पर अंकित अमलदरामदें/प्रविष्टियां अनियमित व अवैधानिक मानते हुए कलेक्टर द्वारा निरस्त कर दिया गया है तथा ताल, पशुचारा, भीटा, खलीहान, आबादी के खातों के इन्द्राज पूर्व बन्दोबस्त के अनुसार बदस्तूर कायम किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि तद्नुसार आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। श्री सिंह ने प्रभारी अधिकारी राजस्व अभिलेखागार तथा तहसीलदार सदर को तद्नुसार सरकारी अभिलेखों में अमलदरामद करने एवं अनुपालन आख्या एक सप्ताह के अन्दर जिला उप संचालक चकबन्दी के न्यायालय में प्रेषण हेतु निर्देशित किया है। एसडीएम सदर को यह भी निर्देशित किया है कि उक्त भूखण्डों पर कब्जा प्राप्त करके उसे वास्तविक स्वरूप प्रदान करें तथा बन्दोस्त अधिकारी चकबन्दी को निर्देशित किया है कि उपरोक्त फर्जी प्रविष्ट पारित करने में संलिप्त अधिकारियों/कर्मचारिायों और लाभार्थियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध लोक सम्पति क्षति निवारण अधिनियम के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज कराये तथा इस प्रकारण को भू-माफिया में चिन्हित किया जाय।
Published on:
09 Nov 2017 08:12 am
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