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लालगंज सीट पर लगातार हार झेल रही बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, इस तहर तैयार करेंगे जीत की जमीन

लालगंज सीट पर लगातार मिल रही हार के सिलसिले को तोड़ने के लिए बीजेपी ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित तीन नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। बूथ सशक्तिकरण अभियान के दौरान ये नेता वर्ष 2024 में बीजेपी की जीत की जमीन तैयार करेंगे।

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नरेंद्र सिंह तोमर

नरेंद्र सिंह तोमर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. मिशन 2024 के की तैयारियां में जुटी बीजेपी का फोकश उन सीटों पर है जिसपर उसे पिछले चुनाव में हार मिली थी या पार्टी लंबे समय से हारती चली आ रही है। ऐसी ही एक सीट आजमगढ़ जिले की लालगंज संसदीय सीट है। वर्ष 2014 में बीजेपी ने यहां खाता जरूर खोला था लेकिन वर्ष 2019 में फिर उसे हार का सामना करना पड़ा था। अब बीजेपी ने इसी सीट को जीतने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित तीन बड़े नेताओं को मैदान में उतारा है। इन्हें वर्ष 2024 में बीजेपी के जीत की जमीन तैयार करनी है।

बता दें कि आजमगढ़ जिले की लालगंज संसदीय व विधानसभा सीट हमेंशा से बीजेपी के लिए अबुझ पहेली रही है। जबकि लालगंज विधानसभा सीट सवर्ण बाहुल्य है। इस सीट पर 32 प्रतिशत से अधिक सवर्ण मतदाता हैं। वहीं लालगंज संसदीय सीट में आने वाली लालगंज के अलावा अतरौलिया विधानसभा सीट भी सवर्ण बाहुल्य है। यहां भी 32.03 प्रतिशत सवर्ण मतदाता हैं लेकिन आजादी के बाद से अब तक बीजेपी सिर्फ एक बार वर्ष 1996 में लालगंज विधानसभा सीट जीत पाई है। उस समय पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह विधायक चुने गए थे। अतरौलिया, निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र में आजतक बीजेपी का खाता नहीं खुला है। वर्ष 1969 में निजामाबाद सीट जनसंघ के रामवचन यादव जरूर जीते थे।

इस संसदीय क्षेत्र की दो अन्य सीटों की बात करें तो बीजेपी को सरायमीर (वर्तमान में दीदारगंज) सीट पर सिर्फ वर्ष 1991 की राम लहर में जीत मिली थी। पतिराज सोनकर यहां से विधायक चुने गए थे। वहीं फूलपुर सीट बीजेपी वर्ष 2017 में पहली बार जीतने में सफल रही थी। यहां से अरूणकांत यादव विधायक चुने गए थे। बात करें संसदीय सीट लालगंज की तो वर्ष 2014 की मोदी लहर में यहां पार्टी का खाता खुला था। नीलम सोनकर यहां से सांसद चुनी गयी थी लेकिन वर्ष 2019 के सपा बसपा गठबंधन में बीजेपी से यह सीट छिन गयी।

अब बीजेपी की नजर वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव पर है। पार्टी लालगंज संसदीय क्षेत्र में हार के सिलसिले को तोड़ना चाहती है। इसके लिए नेताओं की फौज उतार दी गयी है। पार्टी ने हारे हुए बूथों को सशक्त बनाकर जीत की नींव तैयार करने के लिए बूथ सशक्तिकरण कार्यक्रम चला रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को इसका प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद संगीता यादव, योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, एमएलसी सीपी चंद को बूथ मैनेजमेंट की जिम्मेेदारी सौंपी गयी है।

बूथ सशक्तिकरण अभियान के पहले चरण में एक जनप्रतिनिधि को 100 बूथों का दौरा करना है। यहां उन्हें सरकार की योजनाएं कितनी आम आदमी तक पहुंची और नहीं पहुंची तो क्यों नहीं पहुंची इस संबंध में सीधे जनता से फीडबैक लेना है। साथ ही ये जनप्रतिनिधि हारे हुए बूथोें पर जीत की जमीन तैयार करेंगे। जिलाध्यक्ष ऋषिकांत राय ने बताया कि बूथ मैनेजमेंट का काम शुरू कर दिया गया है। हमारे नेता जनता के बीच पहुंचकर फीडबैक भी ले रहे हैं। आने वाले चुनाव में बीजेपी की जीत पक्की है।