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आलमगीर हत्याकाण्ड: निर्दोष को बनाया जा रहा बलि का बकरा

परिजनों का कहना है कि जिस दिन हत्या हुई उस दिन आजमगढ़ में ब्लड डोनेट कर रहा था शादाब

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Varanasi Uttar Pradesh

May 12, 2016

arresting

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आजमगढ़. अलीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र आलमगीर हत्याकाण्ड में नामजद शादाब को आजमगढ़ से एनआइए ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया था। एनआइए अफसर तंजील अहमद की हत्या में भी उसका हाथ होने का शक जताया जा रहा है। लेकिन शादाब के परिवार के लोग इसे बिल्कुल भी मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि एनआइए असफर का क्या मामला है अभी उन्हें नहीं पता आलमगीर हत्याकांड में शदाब को बलि का बकरा बनाया गया हैं। वह कहीं से भी इस मामले मंे शामिल नहीं है। जिस दिन हत्या हुई उस दिन शादाब आजमगढ़ में डेंगू से पीड़ित अपने मित्र के लिए ब्लड डोनेट कर रहा था। सारे सुबूत विवेचक को दिये गये थे लेकिन उन्होंने सुबूताें को दरकिनार किया। फिर भी उन्हें देश के कानून पर विश्वास है और उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।
बता दें कि एनआइए अफसर तंजील अहमद की दो अप्रैल को बिजनौर में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में विजनौर के ही रहने वाले मुनीर का नाम आया था। मुनीर की तलाश में जुटी एनआइए ने सोमवार को आजमगढ़ से बिलरियागंज थाना क्षेत्र के छीहीं गांव निवासी शादाब पुत्र अबूलाला सहित तीन लोगों को उठाया था। इसमें दो को छोड़ दिया गया और शादाब को टीम अपने साथ ले गयी। शादाब और मुनीर के बीच गहरी दोस्ती के कारण एनआइए को शक है कि शादाब भी इस हत्या में शामिल हो सकता है। इस शक के पीछे बड़ा कारण शादाब और मुनीर का अलीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र आलमगीर की हत्या में एक साथ शामिल होना है। आलमगीर हत्या कांड में शदाबा फरार चल रहा था। तीन माह पूर्व उसके घर कुर्की की नोटिस चस्पा की गयी थी। शादाब की गिरफ्तारी से आजमगढ़ एक बार फिर सुर्खियों में है। वहीं शादाब के परिवार के लोग इसे पूरी तरह साजिश करार दे रहे है। शादाब के बड़े भाई इन्तेखाब आलम ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि 18 सितंबर 2015 को आलमगीर की हत्या हुई और उससे काफी पहले अलीगढ विश्वविद्यालय में शादाब को निलंबित कर दिया था। जिसके कारण शादाब बीच में ही पढ़ाई छोड़ घर चला आया था। जिस दिन हत्या हुई उस दिन शादाब आजमगढ़ जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में ब्लड डोनेट किया था। कारण कि उसके मित्र को डेंगू हुआ था और उसे ब्लड की जरूरत थी। इसके अलावा उसने एटीएम से धन भी निकाला था। एक आदमी एक साथ दो जगह नहीं हो सकता। कालेज के कुछ छात्रों ने उसे रंजिशन इस मामले में घसीटा था। ट्रांजक्सन रशीद और ब्लड डोनेशन से संबधित सुबूत के साथ ही उन्होंने कुछ और सुबूत विवेचक को सौंपा था। साथ ही यह भी कहा था कि एटीएम का सीसीटीवी फूटेज भी चेक कर सकते हैं लेकिन सारे सुबूत को दरकिनार कर चार्जशीट तैयार की गयी। अब उसे गिरफ्तार किया गया है। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि शादाब का नाम किसी और मामले में जोड़ा जा रहा है। इसकी जानकारी के लिए ही वे अलीगढ़ जा रहे है। इन्तेखाब ने कहा कि उसे देश के कानून पर पूरा भरोसा है और अदालत में सुबूतों के आधार पर उसके साथ न्याय होगा। रहा सवाल मुनीर के साथ का तो वह लगातार घर पर था ऐसे में मुनीर के संबंध का सवाल ही नहीं उठता।

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