आजमगढ़. अलीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र आलमगीर हत्याकाण्ड में नामजद शादाब को आजमगढ़ से एनआइए ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया था। एनआइए अफसर तंजील अहमद की हत्या में भी उसका हाथ होने का शक जताया जा रहा है। लेकिन शादाब के परिवार के लोग इसे बिल्कुल भी मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि एनआइए असफर का क्या मामला है अभी उन्हें नहीं पता आलमगीर हत्याकांड में शदाब को बलि का बकरा बनाया गया हैं। वह कहीं से भी इस मामले मंे शामिल नहीं है। जिस दिन हत्या हुई उस दिन शादाब आजमगढ़ में डेंगू से पीड़ित अपने मित्र के लिए ब्लड डोनेट कर रहा था। सारे सुबूत विवेचक को दिये गये थे लेकिन उन्होंने सुबूताें को दरकिनार किया। फिर भी उन्हें देश के कानून पर विश्वास है और उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।