14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहले पूजा की फिर उड़ा दी दस करोड़ की मूर्ति

घटना से भक्तों में दिख रहा भारी आक्रोश, पुलिस के आलाधिकारी पहुंचे मौके पर

2 min read
Google source verification

image

Ashish Kumar Shukla

Apr 03, 2016

sstolen

sstolen

आजमगढ़. शहर के कोलघाट स्थित प्राचीन राम जानकी मंदिर में साल के बारहों महीने भक्तों का तांता लगा रहा है लेकिन रविवार को जो हुआ उससे लोगों का होश ही उड़ गया। हुआ यू कि बाइक सवार दो लोग आये और पूजा करने के बाद मां जानकी की अष्टधातु से बनी मूर्ति चुरा ले गये। इसकी जानकारी होने पर हड़कंप मच गया। जानकारी होने पर सीओ सिटी, शहर कोतवाल मय फोर्स मौके पर पहुंच गये है। घटना की छानबीन जारी है।

बता दें कि उक्त मंदिर की स्थापना 1836 में हुई थी। इसमें राम, जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्ति स्थापित थी। सभी मूर्तियां डेढ़ फिट उंची है। इनमें से प्रत्येक मूर्ति का वजन दस किलों के आसपास है। पिछले दिनों मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया था। उस समय मंदिर में संगमरमर की भी प्रतिमा स्थापित की गयी। प्रति दिन इस मंदिर में सैकड़ों लोग पूजा पाठ के लिए पहुंचते है। रविवार को भी सुबह भारी संख्या में लोग पूजा के लिए पहुंचे थे। इसी बीच पूर्वाह्न करीब नौ बजे जब मंदिर से भीड़ समाप्त हो गयी तो एक बाइक पर सवार दो लोग पहुंचे। इसमें एक युवा और एक अधेड़ व्यक्ति था।

उन्होंने मंदिर में जाकर पूजा की और वापस लौट गये। उनके जाने के कुछ मिनट बाद ही पुजारी ने देखा तो जानकी जी की मूर्ति गायब थी। पुजारी के शोर मचाने पर सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गये लेकिन तब तक दोनों गायब हो चुके थे। इसके बाद घटना की जानकारी शहर कोतवाल ईशा खां को दी गयी। कोतवाल और सीओ सिटी फोर्स के साथ मंदिर पहुंचे और आरोपियों की तलाश के लिए प्रयास भी किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मंदिर के पुजारी यदुनाथ पांडेय के मुताबिक गायब मूर्ति का वजन दस किलो था जिसकी कीमत अंतराष्ट्रीय बाजार में दस करोड़ आंकी गयी है। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले का खुलासा करने और प्रतिमा बरामद कराने की मांग की।

ये भी पढ़ें

image