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अफगानिस्तान से सकुशल लौटे धर्मेंद्र तो परिवार का छलका आंसू

अफगानिस्तान में बिगड़े हालात के बीच जिले के नरावं गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान की सोमवार को सकुशल वतन वापसी हुई। धर्मेंद्र के घर लौटते ही लोगों के आंखों से आंसू छलक पड़े।

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मां से आर्शीवाद लेते धर्मेंद्र

मां से आर्शीवाद लेते धर्मेंद्र

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. अफगानिस्तान के काबुल की स्टील फैक्ट्री में फंसे जिले के धर्मेंद सहित 27 भारतीयों की सोमवार को वतन वापसी हुई तो परिवार खुशी से झूम उठा। धर्मेंद्र जैसे ही नरावं स्थित अपने आवास पर पहुंचे पूरे परिवार के आंसू छलक उठे। बेटे ने मां का पैर छूआ तो उन्होंने गले से लगा लिया। ऐसा लगा परिवार को मानों सारे जहान की खुशी मिल गयी हो। वहीं वतन वापसी से धर्मेंद्र भी खुश नजर आये।

बता दें कि सठियांव ब्लाक के नरावं गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान रोजी रोटी के लिए अफगानिस्तान के काबुल शहर गए थे। यहां वे एअरपोर्ट के पास एक स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद ऐसे हालात उत्पन्न हुए कि धर्मेंद्र और उनके साथी फैक्ट्री में कैद होकर रह गए।

अफगानिस्तान के हालात के बारे में जानकारी होने के बाद पूरा परिवार परेशान था। कारण कि पिछले कई दिनों से परिवार के लोगों की धर्मेंद्र से बात नहीं हो पा रही थी। हर कोई धर्मेंद्र की वापसी की दुआ कर रहा था। इसी बीच सरकार की पहल पर रविवार को धर्मेंद्र को काबुल से वापसी का मौका मिला।

धर्मेंद्र ने बताया कि स्टील फैक्ट्री से वह 20 अगस्त को दोपहर करीब 2.30 बजे बजे घर के लिए निकला। बस से उसके साथ कई और साथी भी काबुल एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां काफी भीड़ थी। भीड़ के कारण एयरपोर्ट का गेट बंद था। वे लोग बस के अंदर ही बैठकर गेट खुलने का इंतजार करते रहे लेकिन गेट नहीं खुला।

अगले दिन यानि 21 अगस्त को दिन में 11 बजे वो एयरपोर्ट पहुंचे। वहां सभी का नाम पता पासपोर्ट के अनुसार नोट किया गया। बस में सवार सभी यात्रियों को होटल में ले जाकर ठहराया गया। रात में भोजन कराने के बाद उन्हें काबुल एयरपोर्ट पहुंचाया गया। काफी देर इंतजार के बाद बाईपास गेट से लगभग 12 बजे रात में एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश कराया गया। इसके बाद रविवार की भोर में चार बजे फ्लाइट ने उड़ान भरी और सुबह आठ बजे हिंडन एयरपोर्ट पहुंची।

एयरपोर्ट की बस से वे गाजियाबाद से चलकर दिल्ली पहुंचे। शाम पांच बजे धर्मेंद्र अपने कई साथियों के साथ गोरखपुर के लिए बस पर सवार हुआ। सोमवार दोपहर गोरखपुर से धर्मेंद्र चौहान ने जीयनपुर की बस पकड़ी और मुबारकपुर के रास्ते अपने घर पहुंचा। धर्मेंद्र ने बताया कि अपनों के बीच पहुंच कर वह राहत महसूस कर रहे हैं।