6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेटे की चाहत में दरिंदा बना पिता, तंत्र-मंत्र के लिए पंद्रह दिन की बेटी की जान ली

लैंगिक बराबरी के नारों के बीच कुछ ऐसी खबरें आती हैं जो पितृसत्तात्मक समाज की बर्बर सच्चाई सामने ले आती हैं।

2 min read
Google source verification

रौंगटे खड़े कर देने वाली ऐसी ही एक खबर आजमगढ़ से आई है जहां एक डॉक्टर पिता ने बेटे की चाहत में अपनी ही मासूम बेटी की हत्या कर दी। तंत्र मंत्र के प्रभाव में इस पढ़े-लिखे पिता ने अपनी पंद्रह दिन की बेटी की बलि दे दी। पुलिस ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा किया। अब पुलिस ने डॉक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पिता बना हैवान

आपने अक्सर लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि डॉक्टर पर विश्वास करें अंधविश्वास पर नहीं। लेकिन क्या हो जब डॉक्टर ही अंधविश्वास पर विश्वास करने लग जाए? आजमगढ़ में बेटे की चाह में अंधविश्वास में डूब चुके एक डॉक्टर ने तंत्र-मंत्र के लिए अपनी बेटी को मार दिया। तंत्र-मंत्र के जरिए बेटे की कमी पूरी करना चाहता था डॉक्टर तिपवई सीएचसी में एएनएम के पद पर कार्यरत संगीता ने डॉक्टर को सलाह दी थी कि तंत्र-मंत्र के जरिए बेटे की कमी को पूरा किया जा सकता है।

झांसे में आकर डॉक्टर ने 15 दिन की मासूम बच्ची को मौत के घाट उतार दिया। मनोज को हमेशा से बेटे की चाह थी। जब उसकी बीवी ने तीसरी बेटी को जन्म दिया तो उसे ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। उसने जादू-टोना पर इतना विश्वास हो गया कि उसने पत्नी से कहा कि 15 दिन की इस बेटी को मार दें तो वह बेटा बन वापस आएगी।

बेटी को मारकर किया बाबा के हवाले

डॉक्टर ने अपने सरकारी घर में ही बेटी को मार दिया और उसे किसी तांत्रिक के घर पर रख दिया। इतना सब करने के बाद मनोज ने संगीता से लड़के की मांग की तो आशा बहू ने उसे 6-7 महीने का बच्चा दे दिया। मनोज ने अपनी बेटी के उम्र से बड़े बच्चे को लेने से मना कर दिया। विवाद बढ़ा तो मामला पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना से पर्दा उठ गया। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर, उसकी पत्नी और तीन अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।