
Azamgarh news, Pic- patrika
Azamgarh School News: बेसिक शिक्षा विभाग ने आजमगढ़ जिले के शिक्षा क्षेत्र मार्टीनगंज के मार्टीनगंज ब्लॉक में तैनात एक सहायक अध्यापिका की सेवा समाप्त कर दी है। जांच में यह पुष्टि हुई कि शिक्षिका ने कूटरचित और असत्य शैक्षिक दस्तावेज़ों के सहारे विशिष्ट बीटीसी 2007-08 प्रशिक्षण में चयन पाया और बाद में उसी आधार पर नौकरी भी प्राप्त की थी।
शिकायत सामने आने के बाद प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता परखने के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से उत्तर मध्यमा वर्ष 1998, अनुक्रमांक 81551 वाले प्रमाणपत्र का आधिकारिक सत्यापन कराया गया। विश्वविद्यालय की 12 जुलाई 2025 की पहली रिपोर्ट और 26 नवंबर 2025 को जारी दूसरी पुनः सत्यापन रिपोर्ट में यह स्पष्ट दर्ज किया गया कि संबंधित अनुक्रमांक किसी दूसरे विद्यार्थी को आवंटित था और उस पर जांच के दायरे में आई शिक्षिका का कोई शैक्षणिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
विभाग की ओर से बार-बार नोटिस भेजे गए और शिक्षिका को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन वह अपने पक्ष में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने के बजाय केवल पुनः सत्यापन की मांग दोहराती रहीं। इसे संतोषजनक जवाब न मानते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नियुक्ति निरस्त करने का अंतिम आदेश जारी किया।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि सेवा समाप्ति प्रभावी रूप से 10 अगस्त 2009 से लागू मानी जाएगी, जो उनकी मूल नियुक्ति की तिथि थी। विभाग ने वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) और खंड शिक्षा अधिकारी मार्टीनगंज को यह निर्देश दिया है कि वर्ष 2009 से अब तक प्राप्त किए गए पूरे वेतन की धनराशि की वसूली तुरंत सुनिश्चित की जाए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक ने बताया कि विश्वविद्यालय की दो सत्यापन रिपोर्ट से प्रमाणपत्र के फर्जी होने की बात पूरी तरह सिद्ध हो चुकी है। नियुक्ति पत्र में भी यह शर्त पहले से दर्ज थी कि गलत दस्तावेज़ देने की स्थिति में सेवा समाप्त की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
Published on:
08 Jan 2026 09:37 pm
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