
नरेन्द्र मोदी और अमित शाह
रण विजय सिंह
आजमगढ़. केंद्र की सत्ता में लगातार दूसरी बार काबिज होने का प्रयास कर रही भाजपा यूपी के कई सांसद सर्वें में जिनका रिपोर्ट कार्ड खराब रहा है उनका टिकट काटने की तैयारी कर रही है। इससे पार्टी के अंदर अगर घमासान मचा है तो बाहर इस बात की जोरदार चर्चा है कि आखिर गाज गिरेगी किस पर। मुलायम का गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ में सांसद का टिकट कटने को लेकर जोरदार चर्चा है। लालगंज संसदीय सीट से पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर व गोवर्धन राम प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहे हैं। दोनों ही लालगंज में सक्रिय हो गये है। सोशल मीडिया पर इनका नाम समर्थक जोरदार ढंग से उभार रहे हैं।
बता दें कि आजादी के बाद पहली बार वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते बीजेपी लालगंज संसदीय सीट जीतने में सफल रही थी। नीलम सोनकर यहां से सांसद चुनी गयी। केंद्र में पहली बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत सरकार बनी तो क्षेत्र के लोगों में काफी उम्मीद जगी कि आजादी के बाद से ही उपेक्षित इस क्षेत्र का विकास होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ बल्कि सांसद अपने चंद करीबियों के बीच घिरी रही जिसके कारण आम आदमी से दूर होती गयी।
यहीं नहीं सांसद ने वाराणासी वाया लालगंज आजमगढ होते हुए गोरखपुर तक नई रेलवे लाइन का वादा किया था लेकिन वे लालगंज में बस स्टेशन तक नहीं बनवा सकी। यहीं नहीं वर्ष 2015-16 में केंद्रीय मंत्री का लालंगज क्षेत्र में सभा हुई। उस दौरान उन्होंने आजमगढ़, निजामाबाद, माहुल होते हुए पवई तक सड़क के चौड़ीकरण की घोषणा की। दोबारा चुनाव आ गया लेकिन काम नहीं शुरू हुआ। छोटी मोटी समस्याओं के तरफ भी सांसद ध्यान नहीं दे पायी। परिणाम रहा कि पिछले एक वर्ष में अहरौला, माहुल सहित तमाम क्षेत्रों में सांसद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुका है। सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों जब बीजेपी द्वारा आंतरिक सर्वे कराया गया तो उसमें भी सांसद का रिपोर्ट कार्ड काफी खराब रहा। अब बीजेपी नीलम सोनकर को दोबारा आजमाने के मूड में नहीं है।
यही वजह है कि लालगंज सुरक्षित सीट से कई प्रत्याशी सामने आ गये हैं। मऊ जनपद के मुहम्दाबाद गोहना विधानसभा के विधायक पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर क्षेत्र में काफी सक्रिय हो गये है। पिछले चुनाव में भी सोनकर ने यहां से टिकट की दावेदारी की थी लेकिन बाहुबली रमाकांत यादव के दबाव में नीलम को टिकट दिया गया था। अब चुंकि नीलम का रिपोर्ट कार्ड खराब है और श्रीराम और नीलम एक जाति से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में विद्रोह की संभावना भी नहीं होगी। इसलिए श्रीराम सोनकर को टिकट का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
वैसे टिकट के दावेदारों में गोवर्धन राम भी शामिल है। वैसे यह यहां के लोगों के लिए नया नाम है ऐसे में बीजेपी शायद ही इनपर दाव लगाये। इसके अलावा रमाकांत यादव के करीबी पूर्व सांसद दरोगा सरोज भी लालगंज से टिकट के दावेदारों में शामिल है। कारण कि सपा में रहते हुए वे दो बार लालगंज संसदीय सीट से सांसद रहे हैं लेकिन पिछला विधानसभा चुनाव उनके लिए कमजोर कड़ी बन गया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने दरोगा सरोज को लालगंज विधानसभा चुनाव लड़ाया था लेकिन दरोगा को बीजेपी की लहर के बाद भी बसपा के नवोदित नेता अरिमर्दन आजाद से करारी शिकस्त मिली थी। ऐसे में बीजेपी शायद ही उनपर दाव लगायेगी। कारण कि रमाकांत की तरह ही दरोगा की छवि भी सवर्ण विरोधी है। विधानसभा चुनाव में उनकी हार का बड़ा कारण सवर्णो द्वारा उनके खिलाफ मतदान करना था। ऐसे में राजनीति के जानकार भी श्रीराम सोनकर पर ही दाव लगा रहे हैं।
Published on:
18 Nov 2018 03:24 pm
बड़ी खबरें
View Allआजमगढ़
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
