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टीईटी परीक्षा नकल गैंग, लिपिक की गिरफ्तारी के बाद अब डीआईओएस पर कसा शिकंजा

टीईटी परीक्षा 2021 में नकल माफियों के गैंग के खुलासा और 22 गिरफ्तारियों के बाद अब शिक्षा विभाग पर शिकंजा कसने लगा है। डीआईओएस कार्यालय के लिपिक की गिरफ्तारी हो चुकी है अब एडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गयी है। कारण कि जांच में डीआईओएस पर्यवेक्षणीय दायित्व में शिथिलता के दोषी पा गए हैं।

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प्रतीकात्मक फोटो

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. शिक्षक पात्रता परीक्षा-2021 के दौरान नकल कराने वाले गैंग का खुलासा व 22 लोगो की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई जांच की आंच अब सीधे डीआईओएस तक पहुंच गई है। डीआईओएस कार्यालय के बाबू धर्मेंद्र राय उर्फ बबलू राय की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। अब जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीके शर्मा पर एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर पर्यवेक्षणीय दायित्व में शिथिलता के आरोप में कार्रवाई शुरू की गयी है। रिपोर्ट के आधार पपर जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने डीआईओएस के तबादले, विभागीय कार्रवाई और बाबू के निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन एवं निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजी है।

बता दें कि 23 जनवरी को टीईटी परीक्षा हुई थी। इस दौरान आजमगढ़ पुलिस ने परीक्षा के दौरान नकल कराने वाले गैंग के 22 लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह में डीआईओएस कार्यालय का लिपिक धर्मेंद्र कुमार राय उर्फ बब्लू राय निवासी देवड़ा दामोदरपुर थाना कंधरापुर भी शामिल है। उसकी संलिप्ता को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एडीएम (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र से जांच कराई तो पाया गया कि डीआईओएस की अपने ही बाबू की गतिविधि पर नजर नहीं थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने अब डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस फरार चल रहे आठ आरोपियों की तलाश में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक जांच में बड़े खुलासे हुए है। जांच में पता चला कि शिक्षक बनने की चाह रखने वालों ने नकल माफियाओं से संपर्क किया और उन्हें ठेका दे दिया। परीक्षा से पहले ही रामपुर जिला सहित अन्य क्षेत्रों के नकल माफिया जिले में सक्रिय हो गए थे। स्कूल के प्रबंधकों से साठ-गांठ करके नकल कराने की रणनीति तैयार कर ली। पुलिस ने सही समय पर शहर के होटल और लाज में ठहरे 22 आरोपित गिरफ्तार कर लिया था। उस समय उनके पास से 2.70 लाख रुपये नगद, 48.50 लाख रुपये का चेक, दो कार और नकल माफियाओं के संबंध में लिखे गए महत्वपूर्ण नोट वाली डायरी बरामद हुई थी। फरार आठ आरोपियों की तलाश में दबिश लगातार जारी है।

जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी का कहना है कि नकल कराने के आरोप में डीआईओएस कार्यालय के एक बाबू के गिरफ्तार होने पर एडीएम प्रशासन से प्रकरण की जांच कराई गई जिसमें डीआईओएस को अपने आफिस के कर्मचारी पर शिथिल पर्यवेक्षण का दोषी पाया गया है। इनके स्थानांतरण के संबंध में शासन और चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी गई है।