
दिवाली 2017
आजमगढ़. कार्तिक मास की अमावस्या के दिन परम्परा के अनुसार दीपावली पर्व पर आस्थावान धन की देवी लक्ष्मी व प्रथम पूज्य देव गणेश के साथ ही ज्ञान की देवी सरस्वती की अराधना में जुटेंगे। इसे रोशनी का पर्व भी कहते हैं। दीपावली का पर्व मनाने के लिए घरों की रंगाई-पुताई के साथ ही साफ-सफाई का दौर अपने अंतिम चरण में है।
पूरे जनपद में गुरुवार को दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया जायेगा। पुराणों में यह उल्लेख मिलता है कि कार्तिक अमावस्या को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम अत्याचारी लंकाधिपति रावण का वध कर 14 वर्ष बाद अयोध्या लौटे थे। अपने राज्य में वनवास समाप्त कर छोटे भाई लक्ष्मण व सीता के साथ राम के लौटने पर अयोध्यावासियों ने खुशी में दीप मालाएं जलाकर उत्सव मनाया था।
इतिहास में वर्णित राजा विक्रमादित्य का राजतिलक भी कार्तिक आमवस्या को हुआ था। तभी से विक्रम संवत् की शुरूआत मानी गयी। व्यापार करने वाले लोग धन की देवी लक्ष्मी की अराधना के बाद अपने कारोबार का खाता बही दीपावली के दिन बदलते हैं। दीपावली के अवसर पर कहीं-कहीं जुआ खेलने की कुप्रथा आज भी समाज में प्रचलित है। इसका प्रधान लक्ष्य वर्ष भर में भाग्य की परीक्षा करना है।
मान्यता के अनुसार दीपावली के दिन भोर में घरों व प्रतिष्ठानों से दरिद्र भगाने रस्म पूरी करने के बाद घर की साफ-सफाई के बाद सूर्यास्त के समय धन की देवी लक्ष्मी, विघ्नविनाशक गणेश जी के साथ ही बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा का प्राविधान है। इस दिन घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर दीपकों के सजाने की परम्परा आज भी कायम है।इसके लिए दो थालों में दीपक रखें 6 चहुंमुखी दीपक तथा 26 छोटे दीपक भी दोनों थालों में सजायें। इन सब दीपकों को प्रज्ज्वलित करके जल, रोली, खीर, बतासे, चावल, गुड़, अबीर-गुलाल, धूप-अगरबत्ती आदि से पूजन करें और टीका लगायें। व्यापारीगण दुकान की गद्दी पर लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा रखकर पूजा करतें। पूजन के बाद दीपकों को घर में जगह-जगह पर रखने की परम्परा है।
पूजा स्थल पर रखे गये चहुंमुंखे दीपक का काजल बड़े-बूढ़े व बच्चे अपनी आंखों में प्रसाद स्वरूप लगाते हैं। दीपावली पर्व को मनाने के लिए आस्थावान शनिवार को देर रात तक बाजारों में खरीदारी करते रहे। लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं के साथ ही पूजन सामग्री की दुकानों पर भारी भीड़ रही। सजावट के सामान भी खूब बिके। वहीं नगर के डीएवी डिग्री कालेज के मैदान में जिला प्रशासन द्वारा लगायी गयी आतिशबाजी की दुकानों पर देर रात तक भारी भीड़ रही।
by RAN VIJAY SINGH
Published on:
18 Oct 2017 10:28 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
