21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी में किया यह काम, तो होगी कार्रवाई

बैठक कर इन्द्रधनुष कार्यक्रम की डीएम ने की समीक्षा

2 min read
Google source verification
azamgarh

azamgarh

आजमगढ़. जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति बाल स्वास्थ्य पोषण, इन्द्रधनुष कार्यक्रम की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों के क्रियान्यवन में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरतते हुए पाया गया तो सम्बन्धित के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
इन्द्रधनुष कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इसके तीसरे चरण का अभियान 7 से 18 दिसम्बर तक जनपद में चलाया जायेगा। जिन ब्लॉकों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं पायी गयी, उनके सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस थमायी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित के निलम्बन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। शासकीय योजनाओं के क्रियान्यवन में सभी सम्बन्धित अधिकारियों, कर्मचारियों का यह नैतिक दायित्व है कि वें पूरी संवेदनशीलता, कर्मठता एवं कर्तव्यशीलता के साथ कार्य पूर्ण करें। अन्यथा उनका उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। बाल स्वास्थ्य पोषण माह की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नौ दिसंबर से नौ जनवरी तक कार्यक्रम संचालित किये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उदघाटन जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा कराया जाए। माइक्रोप्लान के अनुसार कार्यक्रम सम्पादित हो और इस कार्यक्रम में जो भी आंगनवाड़ी कार्यकत्री असहयोग करते हुए पायी जायेगी तो उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि इलाज, खाने की कमी से किसी बच्चे अथवा व्यक्ति की मौत नही होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि फण्ड की धनराशि का एक सप्ताह के अन्दर व्यय कर उपयोगिता प्रमाण पत्र सीएमओ कार्यलय को उपलब्ध करा दें। उन्होने कहा कि धन की उपलब्धता के बावजूद व्यय न होना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होने जननी सुरक्षा योजना के भुगतान प्रतिशत कम पाये जाने पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि 50 प्रतिशत से कम भुगतान जिन स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया गया हो उनके एमओआईसी से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाय तथा शत-प्रतिशत भुगतान एक सप्ताह के अन्दर कर दिया जाय। उन्होंने आशाओं के भुगतान समय से कर देने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी का भुगतान लम्बित रखा गया तो सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही होगी।