
नगर निकाय चुनाव
आजमगढ़. निकाय चुनाव की मतदाता सूची से कांग्रेस के पूर्व सांसद और मऊ सीडीओ की पत्नी का नाम सूची से गायब होने पर जमकर हंगामा हुआ। वैसे तो नाम तमाम लोगों के गायब है लेकिन इन दो बीआईपी लोगों को नाम गायब होने के कारण प्रशासन की मुसीबत बढ़ गई। पूर्व सांसद ने बीजेपी पर अपने प्रत्याशी की मां के साथ मिलकर साजिश के तहत नाम हटवाने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत उन्होंने आयोग से भी कर दी है।
बता दें कि निकाय चुनाव में आजमगढ़ की दो नगरपालिका और 11 नगर पंचायत सीटों के लिए मतदान चल रहा है। लगभग सभी निकायों में मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने की शिकायत आ रही है। इसे लेकर उनमें गुस्सा भी है लेकिन कोई प्रशासन का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
हालात उस समय बिगड़ गये जब दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेस के पूर्व सांसद डा. संतोष सिंह मतदान करने सिविल लाइन्स वार्ड के जीजीआईसी मतदान केंद्र पर पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि उनका नाम ही सूची से गायब है। इससे पूर्व सांसद नाराज हो गये। उन्होंने कहा कि सिविल लाइन्स क्षेत्र से बीजेपी ने सभासद पद के लिए योगेंद्र यादव को मैदान में उतारा है। प्रत्याशी की मां क्षेत्र की बीएलओ है।
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची का काम बीएलओ करती है और बीजेपी के लोगों साजिश के तहत उनका और कुछ और लोगों का नाम सूची से हटवा दिया ताकि उनका प्रत्याशी आसानी से जीत सके। पूर्व सांसद ने इसकी शिकायत आयोग से भी करने का फैसला किया है।
वहीं दूसरी तरफ मऊ जनपद के सीडीओ आशुतोष द्विवेदी की पत्नी का नाम भी सूची से गायब मिला। इसे लेकर भी प्रशासन की किरकिरी हो रही है। लोगों का कहना है कि जब अधिकारी अपने लोगों का नाम सूची में नहीं बचा सके तो और के साथ क्या हुआ है इन्हें कैसे पता चलेगा।
Published on:
22 Nov 2017 02:53 pm
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