
प्रतीकात्मक फोटो
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. अस्पतालों के नाम गोरखधंधा आम बात है लेकिन जौनपुर के शुभम हॉस्पिटल के संचालक तो हद ही पार कर दी। उसने गोरखपुर की रहने वाली रोडियोलॉजिस्ट डा. पल्लवी की डिग्री का इस्तेमाल कर डायग्नोस्टिक सेंटर खोल दिया। जब डॉ. पल्लवी सीएमओ दफ्तर में पंजीकरण के लिए पहुंची तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। अब डॉ. पल्लवी ने अस्पताल प्रबंधन पर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें शुभम हॉस्पिटल के संचालक देवी सिंह, आपरेटर मनोज कुमार और लिपिक सुधीर अस्थाना को नामजद किया गया है।
बता दें कि डॉ. पल्लवी गोरखपुर जिले के सिकटौर के पाम पैराडाइज की निवासी हैं। पल्लवी ने डीआईजी को पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि उन्होंने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से रेडियोडायग्नोसिस में एमडी किया है। 30 जनवरी 2022 तक वे लखनऊ के डायग्नोसिस सेंटर में काम करती थी। पिछले दिनों वे गोरखपुर सीएमओ कार्यालय में पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कराने गई थी। इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनके नाम से जौनपुर जिले के गुना पार में शुभम हॉस्पिटल पंजीकरण है।
इसके बाद वे जौनपुर सीएओ कार्यालय पहुंची और जानकारी मांगा तो लिपिक ने इस संदर्भ में जानकारी देने से इनकार कर दिया। सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद उन्हें दस्तावेज दिए गए। डॉ. पल्लवी को जो दस्तावेज मिले उसमें उनकी डिग्री, आधार कार्ड, फोटो और हस्ताक्षर सहित शुभम हॉस्पिटल का आवेदन पत्र शामिल था। इस मामले में डीआईजी के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। वहीं शुभम हॉस्पिटल की डॉ. बबिता सिंह ने बताया सारी जिम्मेदाी लिपिक के सिर मढ़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है लिपिक ने 3 लाख लेकर उन्हें दस्तावेज दिए थे।
Published on:
06 Sept 2022 03:19 pm
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