
बीजेपी सरकार की गलत नीतियों के कारण आत्महत्या को मजबूर हैं किसान और मजदूर : इम्तेयाज
आजमगढ़. उत्तर प्रदेश किसान सभा के राज्यव्यापी आंदोलन के आह्वान पर किसान सभा जिला इकाई ने शनिवार को नौ सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया गया। इस दौरान केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार पर आम आदमी के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया गया।
उप्र किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों के चलते आज सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ रही है। जिसके चलते किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है। आये दिन पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ाया जा रहा हैं उस पर अंकुश लगाने के बजाय पेट्रोलियम कम्पनी का बचाव सरकार कर रही है।
किसानों के नाम पर सत्ता में आयी भाजपा ने आज तक किसानों के लिए पेंशन व्यवस्था नहीं की। कांट्रेक्ट खेती के माध्यम से किसानों की जमींन छींनकर देशी-विदेशी को देनी की साजिश कर रही है। आज किसान सरकार की गलत नीतियों के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। इन नीतियां के खिलाफ किसानों को आगे आना पड़ेगा।
जिलामंत्री श्रीकांत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब से केन्द्र व राज्य में भाजपा सरकार आयी है तब से किसानों मजदूरों, गरीबों व महिलाओं पर बड़े पैमाने पर अत्याचार हो रहा है। लेकिन अपराधियों पर अंकुश लगाने के बजाय सरकार उन्हे संरक्षण देने का काम कर रही है। राज्य कौंसिल सदस्य गुलाब चन्द मौर्य ने कहा कि गेहूं क्रय केन्द्र पर किसानों से गेहूं ंन लेकर बिचौलियों के माध्यम से लिया जा रहा है।
उप्र खेत मजदूर यूनियन आजमगढ़ जिलामंत्री दुर्बली राम ने किसान सभा के धरने को समर्थन देते हुए कहा कि किसान व खेत मजदूर दोनों भाई है। मनरेगा कानून के अंतर्गत जिन्हे रोजी रोटी मिलती थी। भाजपा के आते ही मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते इनकी रोजी रोटी छींनने का काम किया गया। हालत यह कि आज मजदूर भूखे पेट सोने के लिए विवश है।
वसीर मास्टर ने कहाकि 4 लेन व 6 लेन के निर्माण के लिए जमींन का मुआवजा के नाम पर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इसके बाद राज्यपाल को सम्बोधित दस सूत्रीय मांग किसानों को 10 हजार रूपया मासिक पेंशन बिना शर्त दिया जाय, स्वामीनाथन रिपोर्ट तत्काल लागू किया जाय, किसानों, गरीबों के सभी कर्जे माफ किये जाय, गेहूं के क्रय केन्द्रों पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाई जाय, बढ़ी हुई बिजली बिल तत्काल वापस लिया जाय, बाढ़ व सूखा का स्थायी निराकरण किया जाय, फसलां का लाभकारी मूल्य तत्काल दिया जाय, आवारा पशु, जंगली जानवरों से किसानों की फसल को बचाया जाय, प्रतिदिन बढ़ रहे पेट्रोलियम मूल्यों पर तत्काल रोक लगाई जाय। अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम आंदोलन को तेज कर ने के लिए बाध्य होंगे।
अध्यक्षता कमला राय व संचालन मंगलदेव यादव ने किया। इस अवसर पर बी राम, रामचन्दर यादव, रामचन्दर पटेल, रामनेत यादव, राजित यादव, अशोक कुमार राय, महेन्द्र प्रसाद, सुरेश गुप्ता, जोगिन्दर सिंह, हरिलाल यादव सहित आदि कामरेड नेता मौजूद रहे।
By- रणविजय सिंह
Published on:
30 Jun 2018 07:18 pm
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