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आठ साल बाद आया कोर्ट का फैसला, गैंगरेप के पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा

आजमगढ़ जिले में गैंगरेप के मामले में आठ साल बाद कोर्ट का फैसला आया है। कोर्ट ने आरोपियों को उम्रकैद तथा 40-40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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प्रतीकात्मक फोटो

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नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप के मामले में पॉक्सो कोर्ट में सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। कोर्ट ने आरोप सिद्ध होने के बाद पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 40-40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।

वर्ष 2014 में हुआ था गैंगरेप
मुकदमें के अनुसार बरदह थाना क्षेत्र के एक गांव में 18 मार्च 2014 की रात पीड़िता अपने घर के बरामदे में सोई हुई थी। देर रात गांव के ही रोशन पुत्र प्रकाश, जगजीवन पुत्र सभाजीत, श्यामराज पुत्र पुने, दशरथ उर्फ गप्पू पुत्र सतई तथा उनका रिश्तेदार दल सिंगार पीड़िता को उठा ले गए। आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।


चौबीस घंटे बंधक थी पीड़िता
सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने पीड़िता को बंधक बनाकर रखा था। दूसरे दिन वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर घर पहुंची। घर आकर अपने परिवार वालों को पूरी बात बताई। इस मामले में पीड़िता के परिवार ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


पुलिस कोर्ट में जमा की चार्जशीट
बरदह थाने की पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया। जांच में आरोप सही मिलने पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। इस मामले की सुनवाई पॉक्सों कोर्ट में चल रही थी।


चार गवाहों के सुनने के बाद कोर्ट ने लिया सुनाया फैसला
विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्र ने पीड़िता समेत चार गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य और गवाहों की गवाही से आरोपियों पर आरोप सिद्ध हुआ।

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विशेष न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट रवीश कुमार अत्री की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। आरोपी रोशन, जगजीवन, श्यामराज, दशरथ तथा दल सिंगार को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को चालीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।