
अखिलेश यादव और नरेन्द्र मोदी
रण विजय सिंह
आजमगढ़. मुलायम सिंह यादव का गढ़ कहे जाने वाले इस जिले में लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व सीएम अखिलेश यादव बीजेपी को बड़ा झटका देने का मन बना चुके हैं। सूत्रों की माने तो भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद दारोगा प्रसाद सरोज और अखिलेश के बीच वार्ता हो चुकी है जल्द ही पूर्व सीएम उन्हें सपा में शामिल करने की घोषणा करेंगे। अगर ऐसा होता है तो यह बीजेपी के लिए बड़ा झटका होगा। कारण कि दारोगा सरोज की पासी समाज में गहरी पैठ है। वह इन्हें गठबंधन के पक्ष में मोड़ सकते है।
बता दें कि दारोगा प्रसाद सरोज को कभी सपा के कद्दावर व दबंग नेताओं में गिना जाता था। वे पूर्व सांसद रमाकांत यादव के बेहद करीबी माने जाते है। वर्ष 2008 में रमाकांत यादव बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद पार्टी ने रमाकांत यादव को वर्ष 2008 के उपचुनाव में पार्टी का प्रत्याशी बना दिया था। यह अलग बात है कि वह चुनाव रमाकांत हार गए। इसके बाद पार्टी ने उन्हें 2009 में भी प्रत्याशी प्रत्याशी बनाया और उन्होंने आजमगढ़ में बीजेपी का खाता खोल दिया। इसके बाद रमाकांत यादव सपा के पूर्व सासंद दारोगा प्रसाद सरोज और पूर्व विधायक रामदर्शन यादव को भाजपा में ले आए।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में दारोगा को उम्मीद थी कि बीजेपी उन्हें लालगंज से प्रत्याशी बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रमाकांत यादव की पैरबी के बाद भी बीजेपी ने नीलम सोनकर को उम्मीदवार बनाया और मोदी लहर में वे जीत गयी। टिकट न मिलने के बाद दारोगा और रामदर्शन के सपा में वापसी की चर्चा उठी। रामदर्शन सपा में चले भी गए लेकिन दरोगा सरोज पार्टी में रहे। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने दरोगा सरोज को लालगंज सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ाया लेकिन वे करीब 2500 मतों से चुनाव हार गए। इससे वर्ष 2019 में उनकी टिकट की दावेदारी कमजोर पड़ गयी। हाल में सपा और बसपा के बीच गठबंधन के बाद जहां दरोगा को अपना राजनीतिक भविष्य खतरे में दिख रहा है वहीं उन्हें उम्मीद है कि अगर गठबंधन ने मौका दे दिया तो उन्हें तीसरी बार सांसद बनने से कोई रोक नहीं पाएगा। यही वजह है कि वे सपा में वापसी का प्रयास कर रहे है।
सूत्रों की मानें तो दरोग सरोज की अखिलेश यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं से वार्ता हो चुकी है। यूं भी कहा जा सकता है कि पार्टी में वे शामिल हो चुके हैं बस घोषणा बाकी है। जल्द ही अखिलेश यादव इसकी घोषणा करेंगे। हाल में दरोगा की नजदीकियां भी सपा नेताओं के साथ कुछ ज्यादा दिख रही है। इससे लोगों को यकीन हो गया है कि चुनाव से पहले बीजेपी को झटका लगना तय है। खुद बीजेपी के लोग भी यह मान रहे हैं कि दरोगा का सपा में जाना तय है पार्टी नेतृत्व को भी यह बात पता है।
Published on:
11 Feb 2019 04:40 pm
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