
पीड़ित महिला
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. तदर्थ शिक्षक की नौकरी कर चार बच्चों का भरण पोषण कर रही महिला को उसके पति ने सिर्फ इसलिए तलाक दे दिया क्योंकि उसने पांच लाख रुपये की डिमांड पूरी करने में असमर्थता जता दी। तलाक के बाद ससुरालवालों ने उसे और उसके बच्चों को मारपीटकर घर से निकाल दिया। महिला का आरोप है कि उसने पति ने दूसरी शादी भी रचा ली है। पुलिस ससुरालवालों में दबाव में है जिसके कारण कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में एसपी द्वारा तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया है।
कप्तानगंज कस्बा निवासी बिलकिश बानों पुत्री समसेर ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसकी शादी 21 फरवरी 1990 को पवई थाना क्षेत्र के हाजीपुर डिहवा गांव निवासी इरफान अहमद पुत्र मेंहदी हसन से हुई थी। उसकी चार लड़कियां हैं। उसका पति बेरोजगार है। वह पहले सिलाई आदि कर परिवार का भरण पोषण करती थी। कुछ वर्ष पूर्व महराजगंज के एक मदरसा में उसे तदर्थ शिक्षक की नौकरी मिल गयी। उसी से मिलने वाले वेतन से परिवार चलाने के साथ ही उसने बच्चों को पढ़ाने लिखाने के साथ एक बेटी की शादी की।
ससुरला पक्ष के लोग पूरी तनख्वाह की मांग को लेकर अक्सर उसे मारते पीटते थे लेकिन वह परिवार की बात होने के कारण सह लेती थी। 15 अक्टूबर 2021 को ससुरालवालों ने पांच लाख रुपये की मांग की तो उसने इतनी रकम की व्यवस्था एक साथ करने में असमर्थता जताई। इसके बाद पति ने उसे और बच्चों को मारपीट कर घर से निकालने के साथ ही तीन तलाक दे दिया। मजबूरन वह मायके में रहती है। मायके पक्ष के लोगों ने समझाने का प्रयास भी किया लेकिन ससुरालवाले नहीं माने। ससुराल पक्ष की पिटाई से उसका हाथ भी टूट गया। उसने पवई थाने में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
Published on:
22 Nov 2021 02:24 pm
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