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Gram Pradhan training: प्रशक्षित होंगे प्रधान, विकास की गुणवत्ता के साथ बढ़ेगी गांव की आमदनी

-10 अक्टूबर तक ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान व समितियों को किया जाएगा प्रशिक्षित

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प्रतीकात्मक फोटो

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पत्रिका न्यूज नेटवक
आजमगढ़. (village development) गांव के विकास कार्य बेहतर ढंग से हो और नए प्रधान काम के तरीकों को समझ सकें इसके लिए ग्राम Gram Pradhan training प्रधानों व गांवों में गठित समितियों ( Panchayat Samiti) को पंचायत के अधिकार व कार्यों के संबंध में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रधान व समितियों की ट्रेनिंग के लिए निदेशालय द्वारा जिलावार मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किया जा चुका है। आज यानि 15 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच प्रधान और समिति से जुड़े लोगों को पंचायतवार प्रशिक्षण दिया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रशिक्षण के बाद कार्यो की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही विकास में तेजी आएगी।

बता दें कि अभी हाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न हुआ है। चुनाव में तमाम क्षेत्रों में नए प्रधान चुने गए है। जिनके पास अनुभव का आभाव है। नई पंचायत के गठन के बाद पंचायत की पहली बैठक में ग्राम समितियों का गठन किया जा चुका है। विकास कार्यो के लिए शासन स्तर से पंचायतोें को धनराशि भी जारी की जा चुकी है। ऐसे में नए प्रधानों को काम करने में दिक्कत न हो और धन का सही जगह इस्तेमाल हो इसी उद्देश्य से प्रधानों के प्रशिक्षण का फैसला लिया गया है।

10 अक्टूबर तक चलेगा प्रशिक्षण
शासन द्वारा 15 सिंतबर से दस अक्टूबर के बीच ग्राम पंचायतवार प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि जिले ग्राम पंचायतों की संख्या देखते हुए तय अवधि में तिथि निर्धारित कर ब्लाक पर एक साथ कई ग्राम पंचायतों को बुला सकते हैं। ट्रेनर ग्राम प्रधानों व चुने सदस्यों को कार्य के बारे में जानकारी देंगे। यह भी बताएंगे कि वे किस तरह गांव का सुनुयोजित विकास कर सकते हैं।

पंचायतों की आय पर होगा फोकश
देखा जाय तो लगभग सभी पंचायतों में राजस्व संबंधी समस्या होती है। पंचायत के पास जो आमदनी के स्रोत है वे बेकार पड़े है। जबकि खर्च निरंतर बढ़ रहा है। प्रधानों को प्रशिक्षण के यह भी बताया जाएगा कि गांव के सुनयोजित विकास के साथ ही ग्राम पंचायत की आमदनी कैसे बढ़ाई जाय।

बेकार साबित रहे सामुदायिक शौचालय
शासन द्वारा स्वच्छता को ध्यान में रखकर हर ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन का निर्माण कराया गया था। माना जा रहा था कि इनके निर्माण के बाद पंचायतों की आमदनी बढ़ेगी। पंचायत भवन का स्वरूप अभी सामने नहीं आया लेकिन सामुदायिक शौचालय प्रत्येक गांवों बन चुका है। ज्यादातर सामुदायिक शौचालय अभी बंद पड़े हैं। कुछ गांवों में जहां सामुदायिक शौचालय चालू हैं वहां इससे आमदनी नहीं हो रही है। सामुदायिक शौचालय पर तैनात केयर टेकर को छह हजार रुपये व तीन हजार रुपये साफ सफाई पर प्रतिमाह खर्च करने पड़ रहे हैं। मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण के दौरान इस बाबत भी ग्राम प्रधानों को राह सुझाएंगे।