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बोले विकलांग, हमारा दर्द न समझे सरकार तो दे दे फांसी

मुलायम के गढ़ में विकलांगों का छलका दर्द।

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Varanasi Uttar Pradesh

Sep 05, 2016

Handikepts protest

Handikepts protest

आजमगढ़. पेशन, प्रमाण पत्र सहित तमाम समस्याओं से जूझ रहे विकलांगों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। सैकड़ों की संख्या में विकलांग जन कल्याण विकलांग सेवा समिति के बैनर तले डीएम कार्यालय का घेराव किये। 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंप न्याय करने या फिर फांसी देने की मांग की।




डीएम कार्यालय पहुंचे विकलांगों ने कहा कि विकलांग, विधवा, निर्धन गरीबों का नाम बीपीएल सूची से जोड़ा जाय तथा स्थायी पात्रता की सूची में डाला जाय। विकलांगों का नाम लोहिया आवास की सूची में दर्ज कर इन्हें शौचालय, हैण्ड पम्प के साथ लोहिया आवास यथाशीघ्र दिया जाय। विकलांग विधवा को पांच हजार दिया जाय। वृद्ध निर्धन गरीब को सपा पेंशन नियमित रूप से दी जाय।




विकलांग विधवा सभी निर्धन गरीबों को ऊसर, बंजर व खाली पड़ी भूमि पट्टे पर दी जाय। विकलांगों को मोटर चालित साइकिल दी जाय। सभी को स्मार्ट कार्ड देने सहित अन्य मांगे पूरी करने की गुहार लगायी। विकलांगों ने कहा कि जब तक सदर सांसद मुलायम सिंह यादव नहीं आ जाते हम सभी विकलांग जिला कार्यालय पर जमीन पकड़ कर लेटे रहेंगे। यदि हमारी मांगे पूरी नहीं की जाती तो जिलाधिकारी महोदय हमें फांसी दे दें।

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