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मौनी अमावस्या पर संगम तट पर हंगामा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोकने पर तीखी नोकझोंक

प्रयागराज: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम में पवित्र स्नान करने के लिए माघ मेला क्षेत्र पहुंचे। (Photo/ANI)

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Swami Avimukteshwaranand

प्रयागराज: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम में पवित्र स्नान करने के लिए माघ मेला क्षेत्र पहुंचे। (Photo/ANI)

प्रयागराज में रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर जुलूस निकालने को लेकर पुलिस प्रशासन ने ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को रोक दिया। इसके बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस ने तीखी नोंकझोक हो गई। जिससे संगम पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया। कहा कि संगम तट पर जुलूस के साथ जाने की अनुमति नहीं है। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जताई। पुलिस से झड़प के दौरान शंकराचार्य समर्थक 20 से अधिक साधुओं को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य शिविर में धरने पर बैठ गए। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी की ओर से कहा गया जब तक पुलिस प्रशासन ससम्मान प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा। तब तक वह स्नान नहीं करेंगे।

क्या कहना है पुलिस-प्रशासन का?

वहीं, प्रयागराज डिविजन की डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने ANI को बताया, “स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, परंपराओं के खिलाफ और बिना किसी अनुमति के, लगभग 200 अनुयायियों के साथ ‘स्नान’ के लिए यहां रथ में आए थे। संगम पर भारी भीड़ थी, और उनके अनुयायियों ने बैरियर तोड़ दिए और लगभग 3 घंटे तक वापसी मार्ग को अवरुद्ध रखा। इससे आम नागरिकों को बहुत परेशानी हुई। कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी”

वहीं, प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने ANI को बताया, “स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यहां सुबह लगभग 9 बजे आए, उस स्थान पर जो कल (शनिवार) से सुरक्षा कारणों से बंद था। उन्होंने और उनके अनुयायियों ने पुलिस के साथ झड़प की। उन्होंने बैरिकेड भी तोड़ दिए, जिसकी सीसीटीवी फुटेज हमारे पास है। जब उन्हें बताया गया कि वे परंपरा के खिलाफ जा रहे हैं, तो उन्होंने अपने रथ और अनुयायियों के साथ लगभग तीन घंटे तक वापसी मार्ग अवरुद्ध रखा। इससे यहां अफरा-तफरी मच गई। उनके अनुयायियों ने अफरा-तफरी फैलाने के लिए बच्चों का ढाल के रूप में इस्तेमाल किया”।

तीन करोड़ से ज्यादा ने लगाई श्रद्धा की डुबकी

संगम तट पर रविवार को मौनी अमावस्या के मौके पर दोपहर 12 बजे तक तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने स्नान किया। सुबह छह बजे से ही संतों, कल्पवासियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम पर स्नान किया। इस दौरान श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी कराई गई।

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