
स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ प्रदर्शन करते हिंदू संगठन
स्वामी प्रसाद मौर्य को विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। रामचरितमानस पर टिप्पणी हिंदू संगठन भारतीय संस्कृति पर हमला मान रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने स्वामी के पुतले को पेड़ से लटकाकर फांसी दी।
सरकार से मांग किया कि स्वामी प्रसाद पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करे। डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप उनकी विधान परिषद सदस्यता रद्द करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव को भी सनातन धर्म विरोधी बताया।
हिंदू संगठनों के प्रदर्शन से हांफती रही पुलिस
भाजपा, हिंदू जागरण मंच, हिंदू महासभा, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता शुक्रवार को एक साथ मैदान में उतरे। कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट क्षेत्र में भारी फोर्स के बीच जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जय श्रीराम के नारे लगाए गए, स्वामी प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की । प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप में जल्लाद से स्वामी प्रसाद के पुतले को फांसी दिलाई।
अखिलेश यादव पर लगाया गंभीर आरोप
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जो सनातन धर्म का अपमान करता है। अखिलेश यादव उसे महासचिव बनाकर सम्मानित करते हैं। अखिलेश यादव से इससे ज्यादा की उम्मीद ही नहीं की जा सकती है। कारण कि उनकी सोच ही ऐसी है। सपा 15 प्रतिशत लोगों को खुश करने के लिए इस तरह का घिनौना कृत्य करती रहती है।
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जो बाप ने किया वही कर रहा बेटा
भाजपा जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्र ने कहा कि जो बाप ने किया वही बेटा कर रहा है। मुलायम सिंह यादव ने 1991 में अयोध्या में गोली चलवाकर हजारों कार्यसेवकों को हत्या की थी। अब उनका बेटा अखिलेश यादव सनातन धर्म के पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस पर टिप्पणी करा अपने लिए चुनावी माहौल बना रहा है। रामचरितमानस जैसे पवित्र ग्रंथ का अपमान बर्दाश्त नहीं है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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स्वामी प्रसाद मौर्या पर लगे राष्ट्रद्रोह
हरिवंश मिश्रा ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने सनातन धर्म का अपमान किया गया है। जिस भाषा का प्रयोग स्वामी प्रसाद मौर्या ने किया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। रामचरितमानस की प्रतियां जलाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इन सभी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
स्वामी से सवाल-क्या राम नाम सत्य नहीं बोलेंगे
भाजपा नेताओं का कहना है कि क्या स्वामी प्रसाद के घर कोई मरेगा तो राम नाम सत्य कहेंगे या नेवला गुरू सत्य बोलेंगे। स्वामी प्रसाद को यह स्पष्ट करना चाहिए। क्या वह कोई संस्कार किसी ब्राह्मण से नहीं कराएंगे। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए।
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लीडर नहीं डीलर है स्वामी प्रसाद मौर्य
कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या लीडर नहीं डीलर हैं। 85 और 15 की राजनीति करता है, अनाप शनाप बोलता है। आज देश अमृत महोत्सव मना रहा है। स्वामी प्रसाद निजी स्वार्थ के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
डूबते कैरियर को बचाने के लिए सनातन का अपमान कर रहे स्वामी
हिंदू जागरण मंच के विभागाध्यक्ष राधामोहन गोयल ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य चुनाव हार चुके हैं। अपना राजनीतिक कैरियर बचाने क लिए सनातन धर्म को निशाना बना रहे है। उन्हें पता नहीं है कि जनता ने उन्हें पहले ही नकार दिया है।
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स्वामी प्रसाद की छोटी मानसिकता से हिंदू समाज आहत हुआ है। उम्मीद थी कि अखिलेश यादव कोई कार्रवाई करेंगे पर इनाम के तौर पर पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया।
Published on:
4 Feb 2023, 8:20 AM IST
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