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भाई की हत्या का बदला लेने के लिए दारोगा ने दी सुपारी, हुआ गिरफ्तार

-शूटरों के खुलासे के बाद पुलिस ने साजिशकर्ता दारोगा को गिरफ्तार कर भेजा जेल -एक वर्ष पूर्व हुई थी दारोगा के भाई की हत्या, हत्यारोपी के जेल से छूटने पर रची थी साजिश

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पुलिस हिरासत में आरोपी

पुलिस हिरासत में आरोपी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हत्यारोपी को जान से मरवाने की साजिश रचने वाले दारोगा को पुलिस रानी की सराय चेकपोस्ट के पास से गिरफ्तार कर लिया है। दारोगा के भाई की पुरानी रंजिश में एक वर्ष पूर्व हत्या कर हो गयी थी। इस मामले में नामजद एक आरोपी हाल में ही जेल से छूटा था। दारोगा ने उसकी हत्या के लिए शूटर भेजा था। पुलिस ने शूटरों को गिरफ्तार किया तो उन्होंने राज से पर्दा हटा दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दारोगा को भी पकड़ लिया।

पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत रानी की सराय थाने की पुलिस चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अल्लीपुर में डीहबाबा मंदिर के पास तीन संदिग्ध व्यक्ति मौजूद हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। उनके पास से दो तमंचा, तीन जिंदा कारतूस 303 बोर व छह जिंदा कारतूस .315 बोर व एक फोटो, एक अपाचे बाइक, एके 7965 तथा 2050 रुपए बरामद बरामद किया।

पकड़े गए तीनों बदमाश दीनानाथ पुत्र भगवती यादव, डफली पुत्र लल्ला यादव और देवेंद्र नाथ पुत्र रामजगन यादव गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा गांव के निवासी बताए गए है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि रानी की सराय के अल्लीपुर गांव के रहने वाले दारोगा अखिलेश यादव ने हत्या करने के लिए 20 हजार की सुपारी दी थी। अखिलेश वर्तमान में गोंडा जिले के कौड़िया थाने पर तैनात हैं। दरोगा ने जो 20 हजार रुपए दिए उसी से हम लोगों ने तमंचा और कारतूस खरीदा था और हत्या के नियत से यहां आये थे।

इसके बाद से ही पुलिस आरोपी दारोगा की तलाश में जुटी थी लेकिन वह थाने पर नहीं था। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी दारोगा अखिलेश यादव को रानी की सराय चेकपोस्ट मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। बताते हैं कि अखिलेश यादव के भाई की करीब एक साल पूर्व हत्या हो गयी थी। हत्यारोपी हाल में ही जेल से छूटा था। इसकी जानकारी होने पर दारोगा ने उसकी सुपारी दे दी थी।