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बलिया में पूर्व पीएम चंद्रशेखर सिंह के नाम पर होगा कैंसर अस्पताल एवं इंस्टीट्यूट, शासन से मिली हरी झंडी

यूपी के बलिया जिले में अब कैंसर का भी उपचार होगा। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के पैतृक गांव इब्राहिम पट्टी में निर्मित 150 बेड के अस्पताल को कैंसर अस्पताल के रुप में तब्दील करने की हरी झंडी शासन से मिल गई है। अब इस अस्पातल का नाम होगा जननायक चंद्रशेखर अस्पताल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट।

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इब्राहिमपट्टी में निर्मित अस्पताल

इब्राहिमपट्टी में निर्मित अस्पताल

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़। बलिया जिले के लोगों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। अब बलिया ही नहीं बल्की आसपास के जिले के लोगों को भी कैंसर के उपचार के लिए हायर सेंटर तक भटकना नहीं पड़ेगा। कारण कि सरकार ने बलिया में ही कैंसर अस्पताल बनाने का फैसला किया है। इसके तहत पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के पैतृक गांव इब्राहिमपट्टी में निर्मित 150 बेड के अस्पताल को कैंसर अस्पताल के रूप में तब्दील किया जाएगा। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद इसकी कवायद भी शुरू हो गई है। यह अस्पताल जननायक चंद्रशेखर अस्पताल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट के नाम से जाना जाएगा।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह का निधन कैंसर से हुआ था। उनके पुत्र नीरज शेखर इस समय बीजेपी से सांसद है। राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर और एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू जिले में कैंसर अस्पातल के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। इनका प्रयास अब रंग लाया है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रमुख सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्र के निर्देश पर पिछले दिनों जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने इब्राहिमपट्टी में निर्मित 150 बेड के अस्पताल का निरीक्षण किया था। मऊ के चिकित्सक डा. संजय सिंह की देखरेख में इसे कैंसर अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। अस्पताल के लिए कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सकों के चयन की प्रक्रिया जारी है। प्रथम चरण में 40 बेड का हाईटेक कैंसर अस्पताल बनेगा। बाद में इसका विस्तार किया जाएगा। कैंसर के संभावित लक्षणों का पता कर शुरुआती चरण में ही जिले के लोगों का उपचार हो सकेगा। इसके अलावा जरुरतमंदों के चिकित्सकीय परीक्षण और इलाज के लिए अलग से चिकित्सक तैनात होंगे। एक नवंबर तक इस अस्पताल को चालू करने की तैयारी है।

गौरतलब है कि इब्राहिमपट्टी में करीब 30 एकड़ में अस्पताल की नींव 1952 में डाली गई थी। उस समय समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण ने इसका शिलान्यास किया था लेकिन अस्पताल के निर्माण में 25 वर्ष से अधिक का समय लग गया था। 1979-80 में इस भवन में अस्पताल का संचालन भी शुरु हुआ, लेकिन छह माह बाद ही विभागीय लापरवाही के कारण अस्पताल बंद हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के निधन के बाद इसकी तरफ किसी ने देखा ही नही। पिछले दिनों राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने इसे फिर से चालू करने के लिए बात की। साथ ही इसके कैंसर अस्पताल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया। अब यहां कैंसर अस्पताल विकसित किया जा रहा है। सीएमओ डा. जयंत कुमार का कहना है कि शासन से चिकित्सक व अन्य स्टाफ की डिमांड की गई है जिनके मिलने के बाद अस्पताल का संचालन किया जाएगा।