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नागरिकता ब्रिटिश की वेतन यूपी सरकार से, जानें कौन है मौलाना शम्सुल, ED ने की ठिकानों पर रेड

Maulana Shamsul Huda Khan ED investigation : प्रवर्तन निदेशालय (ED) लखनऊ ने 11 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर और आजमगढ़ में मौलाना शम्सुल हुदा खान से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जानिए कौन है मौलाना शम्सुल हुदा खान।
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आजमगढ़

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 12 Feb 2026, 7:43 PM IST

मौलाना शम्सुल हुदा के कई ठिकानों पर ED की रेड, PC- X

प्रवर्तन निदेशालय (ED) लखनऊ ने 11 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर और आजमगढ़ में मौलाना शम्सुल हुदा खान से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि शम्सुल हुदा खान ने वर्ष 2013 में भारतीय नागरिकता त्यागकर ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी। इसके बावजूद वह 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में मतदान करने के लिए विशेष रूप से यूके से भारत आया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, विदेशी नागरिकता छिपाकर उसने 2017 तक सरकारी वेतन और 2023 तक पेंशन का लाभ उठाया। इस मामले में यूपी पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

एनजीओ के जरिए करोड़ों का लेन-देन

ईडी की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि 2013 से 2017 के बीच मौलाना और उससे जुड़ी संस्थाओं के खातों में 5.28 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा हुई। इनमें से 3.83 करोड़ रुपये सीधे उसके व्यक्तिगत खातों में पहुंचे।

इसके अलावा रजा फाउंडेशन और कुल्लियातुल बनातिर रजविया जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी करोड़ों रुपये का फंड रूट किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन पैसों का उपयोग मदरसों के निर्माण और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।

विदेश यात्राएं और संपत्तियों का जाल

जांच में यह भी सामने आया कि शम्सुल हुदा खान ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य इस्लामिक देशों की यात्राएं कीं। एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि दान के नाम पर जुटाई गई राशि का कहीं व्यक्तिगत लाभ के लिए दुरुपयोग तो नहीं हुआ।

छापेमारी के दौरान 17 अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। दस्तावेजों में इनकी खरीद कीमत करीब 3 करोड़ रुपये दर्शाई गई है, जबकि बाजार मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। कुल मिलाकर आरोपी के पास करीब 33 करोड़ रुपये की संपत्तियां होने का अनुमान है।

बैंक खातों की गहन जांच

ईडी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी और एसबीआई सहित कई बैंकों के खातों की जांच की है। 2007 से 2025 के बीच हुए वित्तीय लेन-देन की पड़ताल में संकेत मिले हैं कि नागरिकता समाप्त होने के बाद भी सरकारी खजाने से धन लिया गया।

शम्सुल हुदा खान ने 1984 से 2013 तक मदरसा शिक्षक के रूप में कार्य किया था। फिलहाल जब्त दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच जारी है, ताकि अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) के पूरे दायरे का पता लगाया जा सके।

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