
मोबाइल रोटी बैंक
आजमगढ़. गरीब व निराश्रित लोगों की मदद के लिए जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बड़ी पहल की है। उन्होंने दीपावली की पूर्व संध्या पर जिले में मोबाइल रोटी बैंक का शुभारंभ किया। यह मोबाइल बैंक घरों से अनाज व बची हुई रोटी को एकत्र करेगा फिर इसे गरीब, निराश्रित, जिला अस्पताल स्थित शेल्टर होम में आने वाले रिक्शा चालकों, दिव्यांगों और आदिवासी छात्रावासों में रहने वालों पर उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एक मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है। लोग इस नंबर पर फोन कर रोटी बैंक को घर तक बुला सकते है।
बता दें कि आम तौर पर लोग घर की बची हुई रोटी कूड़े में फेंक देते है। जबकि एक बड़ी आबादी रात में भूखे सोने के लिए मजबूर होती है। वहीं होटलों में भी प्रतिदिन बहुत सारा खाना वेस्ट जाता है। इसे देखते हुए डीएम नागेंद्र प्रसाद सिंह ने पीओ डूडा को मोबाइल रोटी बैंक की स्थापना का निर्देश दिया था। ई-रिक्शा में तैयार किये गये मोबाइल बैंक को शुक्रवार को जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह मोबाइल बैंक पीओ डूडा द्वारा शेल्टर हाउस के एक कर्मचारी की तैनाती की गयी है। ई-रिक्शा पर एक बैनर बांधा गया है जिसपर कर्मचारी का नंबर अंकित है। मोबाइल नंबर 6306896669 पर फोन कर कोई भी इस मोबाइल बैंक का घर बुलाकर रोटी अथवा अनाज दे सकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कोई भूखा न रहे और अनाज अथवा घर व होटल में बना भोजन बचने के बाद फेंका न जाय इसलिए यह सेवा शुरू की गयी है। अगर आप उस नंबर पर फोन करते हैं तो मोबाइल रोटी बैंक आपके दरवाजे पर पहुंचेगा। आपके द्वारा बैंक में जमा किए गए अनाज ले लेगा। इसके बाद इस अनाज का उपयोग शेल्टर होम में आने वाले गरीब व्यक्तियों, रिक्शाचालकों, दिव्यांगों, आदिवासों छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के पेट भरने में उपयोग किया जाएगा।
BY- RANVIJAY SINGH
Updated on:
26 Oct 2019 09:54 pm
Published on:
26 Oct 2019 03:58 pm
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