कुछ शिक्षक शिक्षण कार्य के बाद जीवन यापन के लिए सब्जी आदि बेचने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षकों को जांच के नाम पर निलम्बित करके उनसे मोटी रकम वसूल की जा रही है। किसी भी शिक्षक की न तो सर्विस बुक है और न तो जीपीएफ कटौती का पसबुक ही है। सेवानिवृत्त शिक्षकों की देयता का भुगतान नहीं हो रहा है। अध्यक्ष हंसराज यादव ने कहा कि 7 सूत्रीय मांगों को लेकर विगत 15 अक्टूबर को ज्ञापन भी सौंपा गया था मगर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। धनउगाही बदस्तूर जारी है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुई तो वे धरना, प्रदर्शन व तालाबंदी के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी जिला समाज कल्याण अधिकारी की होगी। इस अवसर पर सावित्री देवी, गिरिजा कुमारी, मधुबाला देवी, सूरजू राम, दीपचंद, रजिन्दर, रामबचन, रामविलास, रामसहाय, हरिहर प्रसाद, रामचंद्र मौर्य, तीर्थराज यादव, दयारम, फूलचंद, बृजमेहन, बसंत राम, अशोक राम, हरिपल, राजमणि पांडेय, बगेदू राम, रामाश्रय आदि उपस्थित रहे।