
गुरूवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा व्रत
आजमगढ़. आस्था का तीन दिवसीय पर्व डाला छठ गुरुवार की शाम नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। श्रद्धालु जहां पर्व की तैयारियों में जुटे हैं वहीं प्रशासन साफ सफाई, सुरक्षा आदि व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त बनाने का प्रयास कर रहा है। पूजा समितियों के लोग घाटों की सफाई वेदी निर्माण के कार्य को अंतिम रूप देने में जुटे है। वहीं नगरपालिका की लापरवाही से लोगों में नाराजगी भी दिख रही है।
डाला छठ पर्व को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। नदी, तालाब व सरोवर के किनारे बेदी बनाने में व्रती के स्वजन जुटे हुए हैं। वहीं पूजा समिति द्वारा घाटों की सफाई की जा रही है। सिधारी स्थित पुल के नीचे बने घाट पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा साफ-सफाई कराई गई लेकिन कदमघाट, भोलाघाट व गौरी शंकर घाट पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा अभी तक साफ-सफाई की कोई कवायद नहीं की गई। नदी के किनारे कीचड़ फैला हुआ है। नदी घाट छोड़ दूसरे स्थान पर बेदी बना रहे हैं तो कहीं-कहीं दलदली हो चुकी जमीन पर सूखी मिट्टी डालकर पूजा के लिए तैयार किया जा रहा है।
गुरूवार की शाम नहाया खाया के साथ व्रत की शुरूआत होगी। मान्यता है कि छठ मइया की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छठ माता को सूर्य भगवान की बहन कहा जाता है। इस पर्व को छठ पूजा, डाला छठ, छठ मइया की पूजा व सूर्य की पूजा कहा जाता है। पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। घर के पुरुष सदस्य नदी, तालाब व सरोवर के किनारे बेदी बनाने में जुटे हैं तो वहीं महिलाएं दउरा व सुपेली सहित पूजा की अन्य सामग्री खरीदने में जुटी हुई हैं। व्रती गुरुवार से नहाय-खाय के साथ व्रत शुरू कर देंगे। 31 अक्टूबर को नहाय-खाय, एक नवबंर को खरना, दो नवंबर की शाम सूर्य देव को अर्घ्य एवं तीन नवंबर को प्रातरू कालीन सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
Published on:
30 Oct 2019 09:08 pm
बड़ी खबरें
View Allआजमगढ़
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
