
राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त करते खुर्शीद अहमद
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. यूपी के मुस्लिम टीचर ने उच्च प्राथमिक विद्यालय को देश का ’बेस्ट मॉडल‘ बना दिया। वह नित नए प्रयोग के जरिए छोटे छोटे बच्चों को खेल खेल में वैज्ञानिक बातें बाताते है। खास बात है कि वह बच्चों की बेहतर शिक्षा पर प्रतिवर्ष 20 से 25 हजार रुपये अपने वेतन से खर्च करते हैं। खुर्शीद अहमद उत्तर प्रदेश के एकलौते शिक्षक हैं जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन्हें विज्ञान शिक्षा में नवाचार के लिए दिया गया है। वैसे इस मुकाम तक पहुंचने में खुर्शीद को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके प्रयास का ही फल है कि आज स्कूल के बच्चे कई राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय पुरस्कार जीत चुके हैं। पुरस्कार मिलने से खुर्शीद गदगद नजर आए। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा देगा।
बता दें कि देवरिया जिले के सोनाड़ी गांव निवासी 36 वर्षीय शिक्षक खुर्शीद अहमद को सबसे पहले धनौती में शिक्षामित्र पद पर काम करने का अवसर प्राप्त हुआ था। उन्होंने तभी ठान लिया था कि एक आदर्श शिक्षक बनेंगे। वर्ष 2010 में बीटीसी की प्रवेश परीक्षा में सफल होने के बाद उन्हें 2013 में प्राथमिक विद्यालय कौलाचक पथरदेवा में बतौर सहायक अघ्यापक तैनाती मिली। इसके बाद 2015 में गणित-विज्ञान विषय की सीधी भर्ती चयन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग में तीसरी तैनाती पूर्व माध्यमिक विद्यालय विद्यालय मथुरा छापर तरकुलवा में हुई। तीन वर्ष तक नौकरी करने के बाद 2018 में उच्च प्राथमिक विद्यालय सहवा में उनकी तैनाती हुई।
पत्रिका से बातचीत में खुर्शीद ने बताया कि सहवा में उन्होंने बच्चों को विज्ञान की शिक्षा को नए तरीके से देने का फैसला किया ताकि उन्हें आगे चलकर दिक्कत न हो। फिर क्या था उन्होंने नए प्रयोग शुरू किए। उन्होंने गति के प्रकार, मानव श्वसन तंत्र को लो कास्ट मॉडल के द्वारा, मानव परिसंचरण तंत्र, प्रकाश के गुण, न्यूटन डिस्क, अयस्कों का चुंबकीय पृथक्करण, न्यूटन क्रैडल से गति और स्थिति ऊर्जा का पारस्परिक रूपांतरण आदि को प्रयोग के माध्यम से बच्चों को सिखाया। प्रयोगशाला तैयार करने में उन्होंने अपने वेतन से प्रति वर्ष 20 से 25 हजार रुपये खर्च किए। इसके अलावा उन्होंने बच्चों को सामाजिक सरोकार से जोड़ा। उन्होंने विज्ञान की शिक्षा को इतना रूचिकर बना दिया कि बच्चे स्वय बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित हुए। परिणाम रहा कि बच्चों ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार हासिल किए। स्वयं खुर्शीद भी राज्य शिक्षक पुरस्कार सहित आधा दर्ज से अधिक पुरस्कार जीत चुके हैं।
खुर्शीद की मेहनत से न केवल बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ बल्कि वे स्वयं राष्ट्रीय क्षितिज पर छा गए। आज शिक्षक दिवस पर उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया। इस सम्मान को हासिल करने वाले वर्ष 2022 में वे यूपी के इकलौते शिक्षक है। पुरस्कार मिलने से खुर्शीद काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इससे उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा मिली है। खुर्शीद के मुताबिक बच्चे देश का भविष्य हैं। इनके जीवन को संवारना प्रत्येक शिक्षक का कर्तव्य है। जब हम शिक्षक में भगवान का प्रतिरूप और देश का भविष्य देखेंगे तो हमें खुद बखुद बेहतर करने और उनके भविष्य को सवारनें की प्रेरणा मिलेगी।
खुर्शीद को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने से पिता ईद मोहम्मद, पत्नी फातिमा, बेटी अनिशा, आलिया, आफिया, बड़े भाई चांद अली व मजीद अंसारी बेदह खुश है। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके लिए ही नहीं बल्कि हमारे पूरे जिले के लिए गौरव की बात है।
Published on:
05 Sept 2022 04:47 pm
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